बिहार स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने की प्रक्रिया में अपार संभावनाएं छिपी हैं

सीआईएमपी और सीआईएमपी- बीआईआईएफ ने वेंचर कैटालिस्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ दो अलग-अलग समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौता ज्ञापन का मकसद को- इन्क्यूबेशन सेवाओं,और स्टार्टअप्स को स्केलिंग के अवसर मुहैया कराने के साथ साथ क्षेत्र-विशिष्ट सलाह-सहायता प्रदान करना है ।

इस अवसर पर एमओयू पार्टनर ,वेंचर कैटालिस्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के चीफ ऑफ इवेंट्स एंड पार्टनरशिप हेड , श्री रवि रंजन, विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने सीआईएमपी के निदेशक प्रो डॉ राणा सिंह, सीआईएमपी-बीआईआईएफ के सीईओ , श्री कुमोद कुमार और नोडल अधिकारी, प्रो. राजीव वर्मा के साथ मंच साझा किया ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. राजीव वर्मा, नोडल अधिकारी स्टार्टअप बिहार, ने बताया की सीआईएमपी- बीआईआईएफ के द्वारा अब तक 42 स्टार्टअप को इनक्यूबेट किया गया है और नए वित्तीय वर्ष में 15 नए प्रोजेक्ट लाइन में हैं।

कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए, श्री रवि रंजन ने कहा की बिहार स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने की प्रक्रिया में अपार संभावनाएं छिपी हैं। उन्होंने यह भी कहा की स्टार्टअप को अपने विचारों को पेश करने और बाजार तक पहुंच प्राप्त करने के लिए हैकथॉन और ओपन इनोवेशन फेयर जैसे कार्यक्रमों का अधिक से अधिक आयोजन ज़रूरी है । उन्होंने कहा कि बिहार राज्य आने वाले समय में डेरी और एग्रो बेस्ड स्टार्टअप के साथ-साथ फ़ूड प्रोसेसिंग आधारित स्टार्टअप का हब बन सकता है। उन्होंने बिहार में एक एकीकृत उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की आवश्यकता पर ज़ोर डाला ताकि जमीनी स्तर पर नवाचारों को बढ़ावा दिया जा सके । उन्होंने शिक्षा, प्रशिक्षण और संस्थागत मजबूती के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा देने और नीतिगत कमियों की पहचान करने और उनके समाधान का प्रस्ताव देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

कार्यक्रम के अंत में, सीआईएमपी-बीआईआईएफ के सीईओ श्री कुमोद कुमार ने इस समझौता ज्ञापन को बिहार में एक इन्क्यूबेशन केंद्र के दृष्टिकोण से एक बड़ी अच्छी पहल बताया।