गुजरात के मोरबी जिले के वीरपर्दा गांव में एक अनोखी प्राकृतिक घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां एक कुएं के पानी में बिना किसी बाहरी हलचल के लगातार लहरें उठती नजर आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पानी की सतह टब के पानी की तरह एक ओर से दूसरी ओर हिलती दिखाई दे रही है। करीब 18 फीट गहरे इस कुएं की इस रहस्यमयी गतिविधि की जांच के लिए अधिकारियों ने भूजल विशेषज्ञों से अध्ययन कराने के निर्देश दिए हैं।
मोरबी के जिला कलेक्टर स्वपनिल खरे के अनुसार, वायरल वीडियो के बाद जियोलॉजिस्ट की टीम ने कुएं का निरीक्षण किया। विशेषज्ञों का शुरुआती अनुमान है कि कुएं की गहराई में फंसी हवा के दबाव और हलचल के कारण पानी में लहरें बन रही हैं। इस घटना की विस्तृत जांच के लिए गुजरात ग्राउंड वाटर रिसर्च इंस्टीट्यूट को भी अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है ‘Well Seiche’?
मोरबी के वीरपर्दा गांव के कुएं में दिख रही पानी की हलचल को वैज्ञानिक भाषा में ‘Seiche’ कहा जाता है। यह एक ऐसी प्राकृतिक घटना है, जिसमें किसी सीमित जल स्रोत जैसे कुएं, झील या जलाशय का पानी दबाव या कंपन के कारण आगे-पीछे झूलने लगता है। इस दौरान पानी में बनी लहरें कुछ समय तक बनी रह सकती हैं। ऐसी घटनाएं बड़े जलाशयों और झीलों में भी देखी जाती हैं।
क्यों होती है ‘Well Seiche’ की घटना
Seiche की घटना तेज हवाओं, वायुमंडलीय दबाव में बदलाव या अचानक झटके के कारण पैदा हो सकती है। इसमें पानी एक तरफ जमा होकर फिर दूसरी तरफ लौटने लगता है और कुछ समय तक आगे-पीछे झूलता रहता है। यह हलचल कई घंटे या कभी-कभी कई दिनों तक जारी रह सकती है। भूकंप, सुनामी और बड़े तूफान भी समुद्री इलाकों और बंदरगाहों में ऐसी लहरों का कारण बन सकते हैं।
बारिश के बाद भूजल दबाव बन सकता है बड़ा कारण
मोरबी में कुएं की यह घटना उस समय सामने आई है, जब गुजरात में भारी बारिश का दौर जारी है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, तेज बारिश से जमीन के अंदर पानी और हवा के दबाव में बदलाव हो सकता है, जिससे कुएं के पानी में हलचल दिखाई दे सकती है। USGS के अनुसार, बारिश के दौरान भूमिगत हवा का दबाव बढ़ने से कुएं में पानी का स्तर अचानक ऊपर आने जैसी घटनाएं भी देखी जाती हैं, जिसे ‘Lisse effect’ कहा जाता है।
मोरबी के कुएं में दिख रही हलचल को सीधे Lisse effect से जोड़ना अभी सही नहीं होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके लिए स्थानीय भूगर्भीय स्थिति और अन्य कारणों की जांच जरूरी है। अधिकारियों की भूजल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस रहस्यमयी घटना की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।
सिर्फ बारिश ही नहीं, ये कारण भी हो सकते हैं
कुएं में लगातार उठ रही लहरों के पीछे कई कारण हो सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, भूजल दबाव में बदलाव, भूमिगत जल का अचानक प्रवाह, भूकंपीय हलचल या आसपास के कंपन इसके संभावित कारण हो सकते हैं। हालांकि, अब तक इस मामले में किसी भूकंप की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, तेज हवा या बाहरी कंपन से थोड़ी देर के लिए पानी हिल सकता है, लेकिन कई दिनों तक लगातार ऐसी हलचल की वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
कुएं में यह हलचल कब रुकेगी?
अगर मोरबी के कुएं में हो रही हलचल की वजह भूजल दबाव है, तो यह लंबे समय तक जारी नहीं रहेगी। पानी में पैदा हुई ऊर्जा धीरे-धीरे घर्षण और प्राकृतिक प्रक्रिया के कारण कम होती जाती है, जिससे लहरों की गति भी घटने लगती है और पानी सामान्य हो जाता है। अब विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि कुएं के पानी को शुरुआती दबाव या ऊर्जा किस कारण मिली। इसके लिए भूजल स्तर, कुएं की संरचना, बारिश और भूकंपीय गतिविधियों का अध्ययन किया जा रहा है।
इसलिए फिलहाल इसे किसी रहस्यमयी या अलौकिक घटना के बजाय एक संभावित भूजल-भौतिक घटना के रूप में देखना ज्यादा वैज्ञानिक होगा। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि मोरबी के इस कुएं में लगातार लहरों की वास्तविक वजह क्या थी।

