करवा चौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के साथ व्रत रखती हैं। लेकिन करवा चौथ पर सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि सरगी कब तक खानी चाहिए और व्रत की शुरुआत किस समय होगी।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, करवा चौथ का व्रत सूर्योदय से शुरू माना जाता है। इसलिए सरगी सूरज निकलने से पहले खाई जाती है। सरगी में फल, सूखे मेवे और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत के अलग-अलग शहरों में सूर्योदय का समय अलग होता है। दिल्ली, लखनऊ, पटना, जयपुर और मुंबई जैसे शहरों में सूरज निकलने के समय में अंतर रहता है।
ऐसे में महिलाओं को अपने शहर के स्थानीय सूर्योदय का समय जरूर देखना चाहिए। सरगी खाने के लिए सूर्योदय से पहले पर्याप्त समय रखना बेहतर माना जाता है।
शाम को परंपरा के अनुसार करवा माता की पूजा और कथा सुनने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद व्रत खोला जाता है।
करवा चौथ पर सूर्योदय का समय 2026
- दिल्ली – 06:31 AM
- नोएडा – 06:31 AM
- चंड़ीगढ़ – 06:35 AM
- कानपुर – 06:16 AM
- लखनऊ – 06:14 AM
- बेंगलूरु – 06:12 AM
- मुंबई – 06:37 AM
- पुणे – 06:33 AM
- पटना – 06:56 AM
- वाराणसी – 06:04 AM
- गोरखपुर – 06:04 AM
- रांची – 05:52 AM
- जयपुर – 06:34 AM
- जम्मू – 06:45 AM
- कोलकाता – 05:39 AM
- भुवनेश्वर – 05:47 AM
- कोटा – 06:32 AM
- अयोध्या – 06:09 AM
करवा चौथ सरगी टाइम 2026
ज्योतिषाचार्य सुजीत जी महाराज के अनुसार सरगी खाने का समय सूर्योदय से पहले का होता है। इसके लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय सबसे उत्तम माना जाता है। ऐसे में आप सरगी सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच ले सकती हैं।
करवा चौथ के दिन ब्रह्म मुहूर्त कब से कब तक रहेगा?
पंचांग अनुसार 29 अक्टूबर 2026 को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:48 से 05:39 बजे तक रहेगा। स्थानीय पंचांग के अनुसार आपके शहर के सूर्योदय समय और ब्रह्म मुहूर्त में 1-2 मिनट का अंतर हो सकता है।
करवा चौथ व्रत कितने बजे शुरू होगा?
पंचांग अनुसार करवा चौथ का व्रत सुबह 06:31 से शुरू होगा और इसका समापन रात 08:17 पर होगा।
सरगी में क्या खाएं?
- मेवे
- बादाम
- काजू
- किशमिश
- ताजे और रसीले फल
- दूध-फेनी या खीर
- पानी
सरगी के बाद क्या करें?
सरगी खाने के बाद महिलाएं निर्जला व्रत का संकल्प लेती हैं। फिर दिनभर पूजा की तैयारियां करती हैं। शाम को विधि विधान पूजा करने के बाद करवा चौथ की कथा सुनती हैं। फिर रात में चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है और फिर व्रत खोला जाता है।
इसलिए करवा चौथ की तैयारियों के दौरान अपने शहर के सूर्योदय और चंद्रोदय का सही समय जरूर नोट कर लें।

