जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ रुपये के आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। गुरुवार दोपहर 2:30 बजे तक यह इश्यू चार गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका था। संस्थागत निवेशकों ने इसमें सबसे अधिक दिलचस्पी दिखाई। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की कैटेगरी 9.90 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि ग्रे मार्केट में भी शेयर प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। इससे संभावित लिस्टिंग गेन को लेकर निवेशकों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
रिटेल निवेशकों ने भी दिखाई दिलचस्पी
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को अन्य निवेशक श्रेणियों से भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) की कैटेगरी 4.45 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.34 गुना भर गया। वहीं, कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से को 1.91 गुना और शेयरधारकों के हिस्से को 3.28 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इन आंकड़ों से साफ है कि आईपीओ में संस्थागत निवेशकों के साथ-साथ रिटेल और अन्य निवेशकों ने भी दिलचस्पी दिखाई है।
ग्रे मार्केट में कितना प्रीमियम?
Investorgain के आंकड़ों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब 246 रुपये चल रहा था। 1,119 रुपये के अपर प्राइस बैंड के आधार पर यह लगभग 21.98 फीसदी संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक बाजार पर आधारित होता है और इसमें उतार-चढ़ाव संभव है। ऐसे में इसे लिस्टिंग पर होने वाले मुनाफे की गारंटी नहीं माना जा सकता।
एंकर निवेशकों से भी मिली बड़ी रकम
आईपीओ खुलने से पहले ही जियो प्लेटफॉर्म्स को एंकर निवेशकों से 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की मांग मिली थी। कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों को 8,109.85 करोड़ रुपये के शेयर अपर प्राइस बैंड यानी 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से आवंटित किए। वहीं, 21 अक्टूबर को पहले दिन निवेशकों ने करीब 69,713 करोड़ रुपये के शेयरों के लिए बोली लगाई। कंपनी ने आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया है।
कब बंद होगा आईपीओ?
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 23 अक्टूबर को बंद हो जाएगा, जबकि इसके शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को संभावित है। निवेशकों को पैसा लगाने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, निवेश से जुड़े जोखिम और अपने वित्तीय लक्ष्यों का आकलन जरूर करना चाहिए।

