भारतीय प्राइमरी मार्केट में जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। इस आईपीओ को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और पब्लिक व एंकर बिड को मिलाकर कुल ₹7.4 लाख करोड़ की बोलियां प्राप्त हुईं। यह रकम इतनी बड़ी है कि देश के 26 राज्यों के सालाना बजट से भी अधिक है। जियो के आईपीओ को मिले इस शानदार रिस्पॉन्स ने बाजार में अब तक के कई बड़े रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं।
26 राज्यों के कुल बजट पर भारी पड़ा अकेला आईपीओ
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की कुल बिड वैल्यू (₹7.4 लाख करोड़) की तुलना अगर देश के कई बड़े राज्यों के वित्त वर्ष 2026-27 के कुल बजट खर्च से करें, तो आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं:
•राजस्थान: बजट खर्च ₹6.11 लाख करोड़
•तमिलनाडु: बजट खर्च ₹5.25 लाख करोड़
•कर्नाटक: बजट खर्च ₹4.48 लाख करोड़
•पश्चिम बंगाल: बजट खर्च ₹4.39 लाख करोड़
•मध्य प्रदेश: बजट खर्च ₹4.23 लाख करोड़
यह तुलना साफ दर्शाती है कि देश के सबसे बड़े राज्यों के कुल बजट खर्च की तुलना में जियो के आईपीओ में आई निवेश राशि कहीं ज्यादा है।
1.39 करोड़ आवेदन
जियो आईपीओ ने बोली की रकम के साथ-साथ आवेदन के मामले में भी नया रिकॉर्ड बनाया है। इस आईपीओ के लिए कुल 1.39 करोड़ आवेदन मिले, जो ब्रिटेन की राजधानी लंदन की आबादी से करीब 1.5 गुना अधिक हैं। संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से 118 देशों की जनसंख्या भी इससे कम है। अगर इन सभी आवेदकों को एक अलग देश मान लिया जाए, तो आबादी के लिहाज से यह दुनिया का 75वां सबसे बड़ा देश होगा।
भारतीय शेयर बाजार में ऐतिहासिक नया कीर्तिमान
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स ने भारतीय शेयर बाजार और खुदरा निवेशकों की ताकत को उजागर किया है। रिकॉर्डतोड़ बोली और 1.39 करोड़ आवेदनों के साथ इस आईपीओ ने बाजार में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसकी चर्चा लंबे समय तक शेयर बाजार में होती रहेगी और इसे भारतीय प्राइमरी मार्केट की बड़ी उपलब्धियों में गिना जा सकता है।

