मकर संक्रांति पर बिहार की सियासत दही-चूड़ा भोज को लेकर गरमा जाती है. बिहार में दही-चूड़ा भोज के बहाने सियासी चाल चली जाती है. हर साल मकर संक्रांति पर पटना में लालू-राबड़ी आवास या फिर नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री का सरकारी आवास दही-चूड़ा भोज को लेकर चर्चा में रहता रहा है, लेकिन इस बार बिहार की सियासत में सबसे अधिक चर्चा लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की हो रही है.
लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे एवं जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने बुधवार को मकर संक्रांति के अवसर पर पटना स्थित अपने 26 एम स्ट्रैंड रोड आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया है.
ममता, कहा- सभी के लिए EC जिम्मेदार
तेज प्रताप यादव के आवास पर होने वाले दही-चूड़ा भोज की चर्चा सबसे अधिक है. इसकी वजह भी है. तेज प्रताप यादव ने इस भोज के लिए केवल अपने परिवार या पार्टी के नेताओं को न्योता दिया है, बल्कि सत्ता एवं विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं को खुद जाकर न्योता दिया है. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, दोनों उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी और भी निमंत्रण दिया है. लालू यादव इस भोज में पहुंचे भी हैं.
तेज प्रताप ने इन नेताओं को दिया न्योता
हालांकि तेज प्रताप यादव का कहना है कि उनका दही-चूड़ा भोज कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा हुआ आयोजन है. इस आयोजन में सभी वर्गों और पार्टी के लोग शामिल हो सकते हैं.
तेज प्रताप ने बिहार के जिन शख्सियत को दही-चूड़ा भोज के लिए आमंत्रित किया है. उनमें उद्योग व पथ निर्माण विभाग मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन, पूर्व, केंद्रीय मंत्री पशुपति नाथ पारस, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा कल्याण मंत्री रमा निषाद, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, कृषि विभाग मंत्री रामकृपाल यादव, ग्रामीण कार्य विभाग मंत्री अशोक चौधरी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह शामिल हैं.
इनके अतिरिक्त तेज प्रताप यादव ने विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी, बिहार विधान सभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार, समाज कल्याण विभाग के मंत्री मदन सहनी, बिहार विधान परिषद के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह, बिहार सरकार में लघु जल संसाधन विभाग के मंत्री संतोष सुमन और पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश को भी आमंत्रित किया है. तेज प्रताप यादव खुद अपने पिता और मां राबड़ी देवी के पास गए और उन्हें भी आमंत्रण दिया है. तेज प्रताप यादव पार्टी से बाहर किए जाने के बाद अपने छोटे भाई और राजद नेता तेजस्वी यादव से नाराज थे. उन्हें भी आमंत्रण दिया है. तेज प्रताप को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है.
लालू-राबड़ी परिवार में सन्नाटा, तेज प्रताप आवास में हलचल
वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश अश्क तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज की सियासत पर कहते हैं कि लालू और राबड़ी आवास पर छठ, मकर संक्रांति, होली जैसे पर्वों पर धूम मची रहती थी, इस बार उनका आवास भी बदल गया और इस बार सन्नाटा पसरा है, लेकिन उस परिवार से बगावत कर निकले तेज प्रताप यादव ने इस बार मकर संक्रांति भोज किया है.
उनका कहना है कि मकर संक्रांति के भोज जिन लोगों को न्योता दिया गया है. उनमें ज्यादातर एनडीए के मंत्री और नेता हैं. अब कौन कितना शामिल होता है और कौन शामिल नहीं होता है. यह अलग बात है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जाते हैं या नहीं. इस पर सभी की नजर है, लेकिन उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा जाने की संभावना इसलिए हैं, क्योंकि उनके भोजन तेज प्रताप यादव शामिल हुए थे.
विजय सिन्हा से तेज प्रताप के रिश्ते पर चर्चा तेज
बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया था. तेज प्रताप यादव भी इस भोज में शामिल हुए थे. तेज प्रताप ने कहा था कि विजय सिन्हा से पहले भी मिलते रहे हैं. उनके रिश्ते अलग हैं और वैचारिक मतभेद अलग. तेज प्रताप, जिन्होंने पिछले साल लालू द्वारा RJD से निकाले जाने के बाद अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल बनाई थी. उन्होंनेे पिछला बिहार विधानसभा चुनाव महुआ से लड़ा था, लेकिन हार गए थे.
यह पूछे जाने पर कि क्या उनका NDA में शामिल होने का कोई प्लान है, तेज प्रताप ने कहा था कि हमारी पॉलिटिकल आइडियोलॉजी अलग हो सकती हैं, लेकिन हमारे कल्चरल एथोस एक जैसे हैं. बाकी बातों के बारे में, आपको सही समय पर पता चल जाएगा. वहीं, विजय सिन्हा ने अपनी दही चूड़ा पार्टी में तेज प्रताप की मौजूदगी के पॉलिटिकल महत्व को यह कहकर बताने की कोशिश की कि सभी बिहारी एक साथ हैं, और सनातन संस्कृति से पॉजिटिव एनर्जी ले रहे हैं, जिसका “मकर संक्रांति एक प्रतीक है.” तेज प्रताप यादव और विजय सिन्हा के बयान के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. इसका तेज प्रताप यादव के एनडीए से करीबी होने का संकेत मिल रहे हैं.
नए राजनीतिक प्लेटफॉर्म की तलाश में तेज प्रताप
ओमप्रकाश अश्क कहते हैं कि तेज प्रताप यादव ने रामकृपाल यादव को भी आमंत्रित किया है. रामकृपाल यादव ने ने कहा है हम जाएंगे. वह कभी लालू के दाहिना हाथ हुआ करते थे और भाजपा कोटे से मंत्री हैं. तेज प्रताप यादव ने लालू के विरोधियों को न्योता दिया है. साथ में परिवार के सदस्य तेजस्वी, मां और लालू यादव को निमंत्रित किया है. जिन्होंने तेज प्रताप को न केवल परिवार बल्कि राजनीतिक विरासत से भी बहिष्कृत कर दिया था. वे तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में शामिल होते हैं या नहीं. इस पर नजर होगी, लेकिन एनडीए के नेता दही-चूड़ा के भोज में शामिल होते हैं, तो इसका बड़ा मैसेज जाएगा.पहली बार विरोधी और सत्ता पक्ष में एक साथ जुटेंगे और आवास तेज प्रताप यादव का होगा.

