अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित धमकी के बाद ईरान की ओर से भी सख्त चेतावनी दिए जाने की खबर सामने आई है। इस बार विवाद में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों का मुद्दा चर्चा में है।
दरअसल, समुद्र के नीचे बिछी केबलें दुनिया के अलग-अलग देशों को इंटरनेट के जरिए जोड़ती हैं। ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, वीडियो कॉल और अंतरराष्ट्रीय कारोबार जैसी कई सेवाएं इन्हीं नेटवर्क पर निर्भर करती हैं। ऐसे में अगर इन केबलों को नुकसान पहुंचता है, तो कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर मतभेद रहे हैं। अब इंटरनेट केबलों से जुड़ी कथित चेतावनी ने इस तनाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
हालांकि, इस धमकी से जुड़े बयान की आधिकारिक पुष्टि और उसका पूरा संदर्भ स्पष्ट होना जरूरी है। यह भी ध्यान रखना होगा कि कुछ केबल प्रभावित होने से पूरी दुनिया का इंटरनेट बंद होना तय नहीं है, क्योंकि डेटा दूसरे नेटवर्क के जरिए भी भेजा जा सकता है।
अब सबकी नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर है। क्या दोनों देश बातचीत से तनाव कम करेंगे या टकराव और बढ़ेगा? आने वाले दिनों में स्थिति साफ हो सकती है।

