वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में देश की GDP वृद्धि दर बढ़कर 7.8% रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 6.9% के मुकाबले अधिक है। यह जानकारी सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों में सामने आई।
सकल घरेलू उत्पाद 81.36 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में स्थिर कीमतों पर देश का वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) बढ़कर 81.36 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 75.46 लाख करोड़ रुपये की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्शाता है।
वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने वृद्धि की गति बनाए रखी
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अपनी मजबूत विकास रफ्तार बरकरार रखी। वहीं, मौजूदा कीमतों पर जून तिमाही में देश का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) बढ़कर 88.27 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 80 लाख करोड़ रुपये से 10.3% अधिक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताई बहुत बड़ी उपलब्धि
भारतीय अर्थव्यवस्था की 7.8% GDP ग्रोथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं, तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन की चुनौतियों के बावजूद भारत ने मजबूत आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। पीएम ने इसे देश की सामूहिक ताकत का परिणाम बताते हुए कहा कि भारत ने एक बार फिर अपनी आर्थिक मजबूती साबित की है।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 9.2% की बढ़ोतरी
अप्रैल-जून तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को और बढ़ाया। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की वृद्धि दर बढ़कर 9.2% रही, जबकि सर्विस सेक्टर में 10% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खासतौर पर वित्तीय सेवाओं, रियल एस्टेट, आईटी, प्रोफेशनल और प्रॉपर्टी से जुड़ी गतिविधियों में तेज़ उछाल ने सर्विस सेक्टर की ग्रोथ को मजबूत आधार दिया।

