पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है, जिससे दिल्ली, मुंबई, जयपुर और भोपाल समेत कई बड़े शहरों में ईंधन महंगा हो गया है। हालांकि, देश में एक ऐसा शहर भी है जहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें बाकी महानगरों की तुलना में 10 से 15 रुपये तक कम हैं, जिससे वहां के लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।
देश में सबसे सस्ता पेट्रोल और डीजल केंद्र शासित प्रदेश Port Blair में मिलता है। अंडमान और निकोबार की राजधानी होने के बावजूद यहां ईंधन की कीमतें कई बड़े शहरों के मुकाबले काफी कम हैं। इसकी मुख्य वजह पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला कम VAT और स्थानीय टैक्स है, जिसके चलते यहां लोगों को सस्ते दाम पर ईंधन मिल जाता है।
कितना है कीमतों में अंतर?
Mumbai और Bengaluru जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी है, जबकि Port Blair में पेट्रोल करीब 84.99 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं डीजल की कीमत भी यहां काफी कम है और यह लगभग 80.64 रुपये प्रति लीटर है, जो देश के कई बड़े शहरों की तुलना में 10 से 15 रुपये तक सस्ता माना जा रहा है।
क्यों अलग-अलग होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
देशभर में पेट्रोल और डीजल की मूल कीमत लगभग समान रहती है, लेकिन राज्यों के अलग-अलग VAT, टैक्स और ट्रांसपोर्ट खर्च की वजह से इनके दाम बदल जाते हैं। जिन राज्यों में टैक्स ज्यादा होता है वहां ईंधन महंगा बिकता है, जबकि कम टैक्स वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पेट्रोल-डीजल अपेाकृत सस्ते दाम पर मिलता है।
महंगे ईंधन का आम लोगों पर असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों पर ही नहीं पड़ता, बल्कि इससे ट्रांसपोर्ट खर्च भी बढ़ जाता है। इसका सीधा असर खाने-पीने की चीजों, सब्जियों और रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर देखने को मिल सकता है। जानकारों के मुताबिक, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम आगे भी बढ़ते रहे तो महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।
