बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को लेकर चिंता बढ़ गई है। तूफान के संभावित असर को देखते हुए कई तटीय इलाकों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका के बीच लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे तटीय राज्यों में मौसम की स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है। संभावित खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव की तैयारियों में जुटा है।
तूफान के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। तेज बारिश से निचले क्षेत्रों में जलभराव, सड़कों पर यातायात बाधित होने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।
मछुआरों को खराब मौसम के दौरान समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी जाती है। वहीं, तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, 28 अक्टूबर की सुबह तूफान के आंध्र प्रदेश तट से टकराने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
आंध्र प्रदेश के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की चेतावनी है।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।

