Ilaiyaraaja Vs Saregama Case: दिग्गज संगीतकार Ilaiyaraaja और म्यूजिक कंपनी Saregama के बीच चल रहे कॉपीराइट विवाद में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। Delhi High Court ने फिलहाल इलैयाराजा को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने उस अंतरिम आदेश को रद्द करने की मांग खारिज कर दी, जिसके तहत 134 फिल्मों के गानों पर उनके अधिकार संबंधी दावों पर रोक बरकरार है।
इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है और संगीत जगत में इसकी चर्चा तेज हो गई है। आखिर 134 फिल्मों के गानों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद क्या है और इलैयाराजा तथा सारेगामा के बीच कानूनी लड़ाई किस मुद्दे पर टिकी है, आइए विस्तार से जानते हैं।
कोर्ट ने दिया ये आदेश
इलैयाराजा और म्यूजिक कंपनी सारेगामा के बीच चल रहे कॉपीराइट विवाद में नया मोड़ आया है। Bar and Bench की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस तुषार राव गेडेला ने 13 फरवरी को जारी अंतरिम आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया है।
इस आदेश के तहत इलैयाराजा और उनकी ओर से अधिकृत किसी भी व्यक्ति को उन गानों का इस्तेमाल करने, उन्हें लाइसेंस देने या उन पर मालिकाना हक का दावा करने की अनुमति नहीं होगी, जिन पर सारेगामा ने अपना कॉपीराइट होने का दावा किया है। अदालत का यह निर्देश कई लोकप्रिय फिल्मों के गीतों की साउंड रिकॉर्डिंग के साथ-साथ उनके संगीत और बोल (लिरिक्स) पर भी लागू होता है।
कब शुरू हुआ था विवाद
इस कानूनी विवाद की शुरुआत तब हुई, जब सारेगामा ने आरोप लगाया कि इलैयाराजा उन गानों को लाइसेंस दे रहे हैं और उनका इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनके अधिकार कंपनी के पास मौजूद हैं। कंपनी के मुताबिक, उसने 1976 से 2001 के बीच फिल्म निर्माताओं के साथ हुए विभिन्न समझौतों के जरिए कई फिल्मों की साउंड रिकॉर्डिंग के साथ-साथ उनके संगीत और गीतों (लिरिक्स) के कॉपीराइट अपने नाम किए थे।
सारेगामा का यह भी दावा है कि फरवरी की शुरुआत में उसे जानकारी मिली कि उसके कॉपीराइट वाले कुछ गानों का इस्तेमाल कथित तौर पर बिना अनुमति के Amazon Music, Apple iTunes और JioSaavn जैसे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर किया जा रहा है। कंपनी ने 13 जनवरी 2026 को इलैयाराजा की ओर से भेजे गए एक कानूनी नोटिस का भी हवाला दिया, जिसमें संगीतकार ने कई फिल्मों के लिए अपने द्वारा कंपोज, अरेंज और ऑर्केस्ट्रेट किए गए गानों पर अधिकार होने का दावा किया था। इन फिल्मों में वे फिल्में भी शामिल हैं, जो फिलहाल इस कानूनी विवाद का हिस्सा बनी हुई हैं।
अंतरिम आदेश में कही गई ये बात
फरवरी में अंतरिम आदेश जारी करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि शुरुआती तौर पर मामले में सारेगामा का पक्ष अधिक मजबूत नजर आता है। अदालत ने यह भी माना था कि यदि कंपनी को तत्काल राहत नहीं दी गई, तो उसे ऐसा नुकसान उठाना पड़ सकता है जिसकी भरपाई बाद में संभव नहीं होगी।
इसी आदेश को चुनौती देते हुए इलैयाराजा ने अदालत से इसे रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, बुधवार को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि कॉपीराइट मामले की अगली सुनवाई तक फरवरी में जारी अंतरिम आदेश यथावत लागू रहेगा।
