उत्तर प्रदेश में शुक्रवार की सुबह दो अलग-अलग एक्सप्रेसवे पर बड़े सड़क हादसे हो गए। इन हादसों में एक पिता और उनके बेटे की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये दोनों एक्सीडेंट ड्राइवरों को नींद की झपकी आने और गाड़ियों की रफ्तार बहुत तेज होने की वजह से हुए। एक घटना मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र के बरौली गांव के पास हुई। वहीं दूसरा एक्सीडेंट वजीरगंज थाना क्षेत्र में नौली हरनाथपुर गांव के पास हुआ।
सरकारी बस से टकराई कार
मथुरा के बलदेव इलाके में बरौली गांव के पास शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। औरैया जिले के रहने वाले 58 साल के बिजनेसमैन परमहंस पांडेय अपने 27 साल के बेटे पुष्पेंद्र (बिट्टू) के साथ कार से दिल्ली जा रहे थे। तभी रास्ते में उनकी तेज रफ्तार कार अचानक बेकाबू हो गई और आगे चल रही एक सरकारी बस के पीछे जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह से टूट-फूट गई। आवाज सुनकर आस-पास के लोग मदद के लिए पहुंचे, लेकिन तब तक पिता और बेटे दोनों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। जब इस हादसे की खबर उनके घर पहुंची, तो परिवार में मातम छा गया और घरवाले तुरंत मथुरा के लिए निकल गए।
बेकाबू होकर पलट गई डबल डेकर कार
दूसरा एक्सीडेंट बदायूं जिले के वजीरगंज इलाके में नौली हरनाथपुर गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर हुआ। शुक्रवार की सुबह वाराणसी से दिल्ली जा रही यात्रियों से भरी एक डबल डेकर बस अचानक बेकाबू होकर पलट गई। बस पलटते ही वहां चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आस-पास के गांव वाले तुरंत मदद के लिए दौड़े और लोगों को निकालने में जुट गए। खबर मिलते ही वजीरगंज पुलिस भी एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंच गई।
पुलिस और गांव वालों ने मिलकर फुर्ती दिखाई और सभी घायल लोगों को इलाज के लिए तुरंत वजीरगंज के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। इस हादसे में 20 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। कई यात्रियों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल बदायूं रेफर किया गया है। दुर्घटना में एक युवक का पैर कट गया, जबकि दूसरे युवक के पैर का पंजा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। बस का कंडक्टर भी गंभीर रूप से घायल है।

