हिंदू धर्म में हरतालिका तीज व्रत का विशेष महत्व होता है। इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्यवती और सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है। हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का व्रत किया जाता है। इस साल 14 सितंबर को हरतालिका तीज मनाया जा रहा है। आपको बता दें कि इस व्रत में अन्न तो दूर जल का एक बूंद भी ग्रहण नहीं किया जाता है। हरतालिका तीज व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है। तो आइए जानते हैं हरतालिका तीज व्रत पारण का शुभ मुहूर्त और विधि के बारे में।
हरतालिका तीज व्रत पारण डेट और शुभ मुहूर्त
हरतालिका तीज व्रत का पारण 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा। इस दिन सूर्योदय का समय सुबह 5 बजकर 54 मिनट के आसपास होगा। तो सूर्योदय के पश्चात हरतालिका तीज व्रत खोला जाएगा।
हरतालिका तीज व्रत पूजा विधि
हरतालिका तीज व्रत के दिन व्रती महिलाएं सूर्योदय से पहले ही साफ-सफाई कर लें और फिर स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
लाल, पीला और हरे रंग के शुभ कपड़े ही पहनें और पूरे 16 श्रृंगार करें।
इसके बाद गणेश जी, भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा और आरती करें।
माता पार्वती को सिंदूर चढ़ाएं और उसमें से सिंदूर लेकर अपनी मांग में भी लगाएं।
पूजा के समय अर्पित की गई सभी चीजों को हल्के हाथों से हिला दें।
पूजा के बाद रेत या मिट्टी से बनाए गए शिवलिंग, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमाओं का विधिवत विसर्जन करें।
व्रत का पारण करने से पहले घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें।
व्रत खोलने के लिए सबसे पहले पूजा में चढ़ाए गए भोग काले भीगे हुए चने, गुड़ और फल से पारण करें।
हरतालिका तीज व्रत पारण नियम
पारण के दिन भारी, तीखा और मसालेदार भोजन करने से बचें।
व्रत खोलने के बाद पहले जल और फलाहार ही ग्रहण करें। इसके ही बाद पूरा भोजन ग्रहण करें।
हरतालिका तीज व्रत का पारण कभी भी नमक वाली चीजों से नहीं करना चाहिए।
हरतालिका तीज का पारण जल, फल और पूजा के भोग से करना चाहिए। वहीं कई क्षेत्रों में खीरा खाकर व्रत खोलने की विशेष परंपरा है।

