उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले दल-बदल का सिलसिला तेज होता नजर आ रहा है। इसी बीच पूर्व IAS अधिकारी राम बहादुर के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह 26 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में सपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
राम बहादुर को बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती का करीबी माना जाता रहा है। प्रशासनिक सेवा से रिटायर होने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा था। साल 2017 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर लखनऊ की मोहनलालगंज विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
राम बहादुर उत्तर प्रदेश में गोंडा के जिलाधिकारी और लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। अब उनके समाजवादी पार्टी में जाने की खबर ने प्रदेश की सियासत में नई चर्चा शुरू कर दी है।
राम बहादुर की राजनीतिक पृष्ठभूमि और पासी समुदाय से जुड़ाव को देखते हुए उनके इस कदम को दलित राजनीति के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपने PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
हालांकि, सदस्यता ग्रहण करने के कार्यक्रम और अन्य विवरणों की आधिकारिक पुष्टि पर नजर बनी हुई है।

