यूट्यूबर ध्रुव राठी की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 17 अक्टूबर 2026 को उनके खिलाफ साल 2018 के आपराधिक मानहानि मामले में जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला बीजेपी आईटी सेल से जुड़े विकास सांकृत्यायन, जिन्हें विकास पांडे के नाम से भी जाना जाता है, की शिकायत पर आधारित है।
दरअसल, यह पूरा विवाद ध्रुव राठी के मई 2018 में प्रकाशित वीडियो ‘BJP IT Cell Part II’ से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वीडियो में उनके खिलाफ झूठे और मानहानिकारक दावे किए गए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। हालांकि, ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं, अदालत में साबित हुआ निष्कर्ष नहीं।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने पहले ध्रुव राठी के लिए नए समन जारी किए थे। लेकिन समन की तामील नहीं हो पाने के बाद जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया गया। अदालत में शिकायतकर्ता ने यह भी कहा था कि राठी के विदेश में रहने के कारण कानूनी प्रक्रिया में देरी हो रही है।
इस मामले में अगली सुनवाई 31 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि जमानती वारंट जारी होना दोष साबित होने के बराबर नहीं है। मामले में आगे का फैसला अदालत की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।

