दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद दिल्ली BJP के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने Media से बातचीत की । उन्होंने कहा कि अगर चुनाव में चेहरे के साथ उतरते तो नतीजे कुछ और होते। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैनिफेस्टो पहले आना चाहिए था। इसे हम सही समय से नहीं पहुंचा पाए। इसमें 2 रुपये किलो आटा देने का जिक्र था। मनोज तिवारी ने कहा कि न ही पार्टी ने उनसे इस्तीफा मांगा है और न ही उन्होंने इस्तीफा दिया है।
चुनाव नतीजों पर उन्होंने कहा कि चुनाव हारे हैं लेकिन हताश नहीं हुए हैं। करीब 40 फीसदी वोट शेयर आए हैं। ऐसा पहली बार हुआ है। नतीजों के बाद समीक्षा की जा रही है। मनोज तिवारी ने कहा, ”मुझे 48 सीटों की जीत का अनुमान था। वो कहीं से गलत नहीं था। 8 फीसदी वोट शेयर बढ़ना मामूली बात नहीं है। हम इसे सीटों में तब्दील नहीं कर पाए। इसकी समीक्षा करेंगे। कुछ आज हुई है कुछ कल करेंगे। लोगों से बात करेंगे। 8 फीसदी बढ़े हुए वोट को 51 फीसदी करने की कोशिश करेंगे।” हम जिन विषयों पर नहीं जा पाए उस पर आज से ही काम करेंगे।
बिना चेहरे के साथ चुनाव लड़ने के सवाल पर मनोज तिवारी ने कहा कि हर पार्टी की रणनीति होती है। ये कलेक्टिव फैसला था। चेहरे के साथ उतरते तो नतीजे कुछ और होते। क्या आपको पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से पार्टी के कुछ नेता नाराज हैं, इस पर मनोज तिवारी ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। मैं आज पार्टी का अध्यक्ष नहीं बना। मुझे 2016 में पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया। हमने 2019 के लोकसभा चुनाव में सातों की सातों सीटें जीती थीं। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद दिल्ली में दो चुनाव जीता था।
मनोज तिवारी ने कहा कि ‘गोली मारो वाले’ नारे BJP की सोच नहीं है। ‘गद्दार’ को सजा देने के लिए देश का कानून काफी है। ऐसी बात नहीं होनी चाहिए। BJP ऐसे नारों का समर्थन नहीं करती है। हम शाहीन बाग को आज भी सही नहीं मानते और कल भी नहीं मानेंगे। CAA से किसी की नागरिकता नहीं जानी है। सड़क को रोककर बैठना सही नहीं है। मनोज तिवारी ने कहा कि हम चुनाव में हिंदू मुस्लिम नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शाहीन बाग जाना चाहिए। वे दिल्ली के मुखिया हैं. शपथ लेने से पहले उन्हें एक बार वहां जाना चाहिए।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के ‘करंट’ लगने वाले बयान पर मनोज तिवारी ने कहा कि शाहीन बाग में जो लोग भ्रम फैला रहे हैं उसे करंट लगने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि शाहीन बाग के लोग भ्रम में हैं। NRC पर कोई बातचीत नहीं हुई है। प्रधानमंत्री भी इस बात को साफ कर चुके हैं।

