भारत में साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। महज छह दिनों के भीतर जारी हुए कई साइबर अलर्ट ने डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल यानी CERT-In ने अक्टूबर में ऑनलाइन ठगी, तकनीकी खामियों और एआई से जुड़े साइबर खतरों को लेकर अहम चेतावनियां जारी की हैं।
9 अक्टूबर को CERT-In ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म और पेमेंट सेवाओं को निशाना बनाने वाले साइबर हमलों के बारे में चेताया। इसके बाद 14 अक्टूबर को माइक्रोसॉफ्ट और SAP के उत्पादों में सुरक्षा खामियों को लेकर अलर्ट जारी किए गए। 15 अक्टूबर को एजेंसी ने एआई एजेंट्स के जरिए बिना अनुमति सिस्टम तक पहुंचने और ओपन-सोर्स एआई टूल्स के दुरुपयोग पर गंभीर चेतावनी दी। 21 अक्टूबर को डिजिटल सर्टिफिकेट से जुड़ी एक अन्य सुरक्षा समस्या भी सामने आई।
इन घटनाओं का मतलब यह नहीं है कि देश का पूरा डिजिटल सिस्टम ठप होने वाला है। हालांकि, ये अलर्ट बताते हैं कि साइबर सुरक्षा को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
आम लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने और ओटीपी या बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। कंपनियों और संस्थानों के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट करना और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखना जरूरी है।
ऐसे में सवाल यही है कि तेजी से बढ़ते डिजिटल इस्तेमाल के बीच साइबर सुरक्षा को कितना मजबूत बनाया जा रहा है।

