नोएडा अथॉरिटी के पूर्व इंजीनियर यादव सिंह को केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI ने सोमवार को गिरफ्तार किया। यादव सिंह के खिलाफ 954 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। पहली बार धोखाधड़ी के आरोपी यादव सिंह के खिलाफ साल 2015 में जांच शुरू हुई थी। जिसके बाद CBI ने साल 2016 और 2017 में दो चार्जशीट तैयार की थी। CBI की ओर से ये कहा गया है कि यादव सिंह ने अप्रैल 2004 से 4 अगस्त 2015 के बीच आय से अधिक संपत्ती जमा किए थे। जो उनकी आय से करीब 512.6 प्रतिशत ज्यादा है, साथ ही 2004 से 2015 के बीच 23.15 करोड़ रुपये की धनराशी जमा किए।
आपको बता दें इस मामले में साल 2019 अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी यादव सिंह को आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में जमानत जरूर दे दी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को इस बात की छूट भी दी कि इस बीच अगर आरोपी यादव सिंह सबूत के साथ छेड़छाड़ करते है या फिर गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं तो CBI जमानत रद्द करने के लिए आवेदन कर सकती है।

