Retail Inflation Rate

मई में खुदरा महंगाई दर बढ़कर हुई 3.93 %, आम आदमी की जेब पर बढ़ा बोझ

Retail Inflation News: शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मई में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.93% हो गई है. इसकी मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों और ईंधन की बढ़ती कीमतें हैं. साथ ही मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष की वजह से कीमतों पर दबाव बना हुआ है, जिससे महंगाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. मई के आंकड़े 4.0% के अनुमान से थोड़े कम रहे और केंद्रीय बैंक के मध्यम अवधि के महंगाई लक्ष्य के करीब रहे.

मई में चार बार बढ़ी फ्यूल की कीमतें

महंगाई दर के ये आकंड़े ऐसे समय में आए हैं, जब सरकारी फ्यूल कंपनियों ने अकेले मई में ही चार बार फ्यूल की कीमतें बढ़ाईं, जिससे ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ गया. वहीं खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर मई में बढ़कर 4.78% हो गई, जो पिछले साल के निचले स्तर और अप्रैल के 4.20% से ज़्यादा है.
ट्रांसपोर्ट से जुड़ी महंगाई दर में गिरावट

ट्रांसपोर्ट से जुड़ी महंगाई दर अप्रैल में 0.01% की गिरावट से बढ़कर मई में 1.75% हो गई, जो फ्यूल की ज़्यादा रिटेल कीमतों का असर दिखाती है. तेल की ज़्यादा कीमतों और कमजोर मॉनसून की आशंकाओं के कारण रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई का अनुमान 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया है, साथ ही रुपए और करंट अकाउंट घाटे से जुड़े जोखिम भी बढ़ गए हैं.

क्या- क्या हुआ महंगा?

सबसे पहले तो ईंधन की कीमतें बढ़ीं, पेट्रोल- डीजल के बाद कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा हुआ. जिसने व्यापार को काफी इम्पैक्ट किया. इसके बाद लगातार रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों के भी दाम बढ़ें. दूध की कीमतों में इजाफा हुआ, ब्रेड के दाम बढ़े, जिसके बाद हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भी 29 रुपये बढ़ाए गए हैं. जिससे आम जनता के घऱ का बजट भी पूरी तरह से हिल गया है.

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