फ्रांस (France) में लोगों को रास नहीं आ रहे पेंशन सुधारों के विरुद्ध मंगलवार को फिर से पूरे देश में प्रदर्शन और हड़ताल शुरू हो गई। कट्टर विरोधी प्रदर्शनकारियों के तोड़फोड़, चोट पहुंचाने और जान लेने के इरादे की आशंका जताते हुए सरकार ने पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी है।
पेरिस में भारी तादाद में पुलिस तैनात
प्रदर्शन के हिंसक होने की चिंता ने गृह मंत्री गेराल्ड डार्मानिन को 13000 अधिकारियों की अभूतपूर्व तैनाती करने के लिए बाध्य कर दिया है। इन अधिकारियों में से आधे फ्रांस की राजधानी पेरिस में तैनात किए गए हैं। महीनों तक उथल-पुथल के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा फ्रांस (France) की सेवानिवृत्ति प्रणाली में किए गए बदलाव से प्रदर्शन और तेज हो गया।
बिना मतदान कराए विधेयक पारित किया गया
यूनियनों की नई अपील के बावजूद सेवानिवृत्त होने वालों की आयु सीमा 62 से बढ़ाकर 64 वर्ष कर दी गई। फ्रांस (France) के नेता ने संसद में बिना मतदान कराए ही विधेयक पारित करा लिया। इसके लिए एक विशेष संवैधानिक शक्ति का प्रयोग किया गया था।
सरकार के इस कदम ने विरोध प्रदर्शन की आग में घी का काम किया। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बाद हिंसा भड़क गई है। इतना ही नहीं,पेरिस की सड़कों पर हजारों टन कचरा जमा हो गया है।

