बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आज मंगलवार (11 जुलाई) को राजधानी लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए देश के Gen Z मतलब युवाओं से सत्ता और विपक्ष के कथित षडयंत्र से दूर रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि युवा अपनी समस्याओं के समाधान के लिए राजनीतिक परिस्थितियों का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करें, क्योंकि सत्ता और विपक्ष उनकी आड़ में स्वार्थ की राजनीति कर नाजायज फायदा उठा सकते हैं.
मायावती ने कहा कि छात्रों और युवाओं में इस समय जबरदस्त रोष है, उन्होंने दावा किया कि बीएसपी सरकार के दौरान छात्रों और नौजवानों को निराश नहीं होने दिया गया था. मायावती ने सरकार पर पब्लिक सेक्टर को कमजोर करने और निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इससे देश के पूंजीपति लगातार मजबूत होते जा रहे हैं, जबकि सर्वसमाज के गरीब और बेरोजगार लोग लगातार पिछड़ते जा रहे हैं.
निजी क्षेत्र में भी आरक्षण दिया जाना चाहिए- मायावती
बीएसपी प्रमुख ने बीजेपी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने इन दलों की तरह जातिवादी और पूंजीवादी मानसिकता के आधार पर सरकार नहीं चलाई. उन्होंने कहा कि बीएसपी ने हमेशा ‘सर्वजन हिताय’ के सिद्धांत पर सरकार चलाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी और अन्य पिछड़े वर्गों का आरक्षण अब न के बराबर रह गया है. इसके बावजूद आरएसएस के लोग आरक्षण को निष्प्रभावी बनाने में लगे हुए हैं. मायावती ने मांग की कि सरकारी नौकरियों में मिलने वाले आरक्षण की तरह निजी क्षेत्र में भी आरक्षण दिया जाना चाहिए.
यूपी-उत्तराखंड और पंजाब चुनाव को लेकर मायावती ने की खास अपील
मायावती ने कहा कि कुछ ही समय बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में चुनाव होने वाले हैं। ऐसे राजनीतिक माहौल में उन्होंने सर्वसमाज से बीएसपी को कामयाब बनाने की अपील की. उन्होंने इसे देश और जनहित में समय की मांग बताया. मायावती ने कहा कि बीएसपी को मजबूत करने से सर्वसमाज के लोगों के हितों की रक्षा हो सकेगी और छात्र, आदिवासी, पिछड़े, मुस्लिम, किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी और अल्पसंख्यक समेत समाज के सभी वर्ग खुशहाल जिंदगी बिता सकेंगे.

