बिहार में खाली हो रही पांच राज्यसभा सीटों को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने तैयारी शुरू कर दी है. एनडीए के खाते चार सीटें जा रही हैं तो वहीं विपक्ष एक सीट लेने के लिए जोर लगा रहा है. इसके लिए फॉर्मूला सेट किया जाने लगा है. इसको लेकर आरजेडी के विधायक भाई वीरेंद्र ने बड़ा बयान दिया है, साथ ही जीत का दावा किया है.
सोमवार (23 फरवरी, 2026) को पत्रकारों से भाई वीरेंद्र ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी. राज्यसभा चुनाव को लेकर कहा, “फॉर्मूला सेट हो जाएगा… हमारी व्यक्तिगत राय है कि किसी अकलियत (अल्पसंख्यक) को सीट दी जाए. खासकर हिना शहाब को दे दिया जाएगा तो सीट हम निकाल लेंगे.”
‘चुनाव का वक्त आता है तो फॉर्मूला…’
इस सवाल पर कि एआईएमआईएम कह रहा है कि हम अपना कैंडिडेट देंगे. इस पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि हर कोई कहता है, लेकिन जब चुनाव का वक्त आता है तो फॉर्मूला बैठाना पड़ता है. तो हमको नहीं लगता है कि हम जो उम्मीदवार चाहते हैं अगर उस उम्मीदवार को खड़ा करें तो एआईएमआईएम विरोध करेगा. अगर उनको (हिना शहाब) खड़ा किया जाएगा तो वो सीट निकाल लेंगी. भाई वीरेंद्र के बयान से साफ है कि उन्होंने एआईएमआईएम से समर्थन वाला फॉर्मूला सेट किया है.
हालांकि एआईएमआईएम के बिहार प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा है कि हम राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार देंगे. उन्होंने इसके लिए विपक्षी दलों का सहयोग मांगा है. उनका कहना है कि सांप्रदायिक शक्तियों को रोकना है तो विपक्ष साथ दे.
कौन हैं हिना शहाब? (Who is Hena Shahab?)
हिना साहब पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की पत्नी हैं. फिलहाल दिवंगत नेता शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब आरजेडी से ही विधायक हैं. 2025 के विधानसभा चुनाव में पहली बार आरजेडी ने टिकट दिया और वे जीत गए. बात हिना शहाब की करें तो वे कई भी राज्यसभा नहीं गई हैं. लोकसभा का चुनाव 2009 से आरजेडी के टिकट पर लड़ीं लेकिन कभी जीतीं नहीं. 2024 में निर्दलीय मैदान उतरीं लेकिन फिर भी हार हुई. बता दें कि शहाबुद्दीन कभी चुनाव नहीं हारे. जेल में रहते हुए पहली बार निर्दलीय विधायक बने थे.

