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कौन हैं उत्तर कोरिया के ’18 हजार वोटर्स’, जिन्होंने किम जोंग उनके खिलाफ डाले वोट

उत्तर कोरिया की सुप्रीम पीपुल्स असेंबली का चुनाव संपन्न हो गया है. प्योंगयांग स्थित चुनाव समिति के मुताबिक इस चुनाव में किम जोंग उन की वर्कर्स पार्टी को 99.93 वोट मिले हैं. 0.7 प्रतिशत मतदाताओं ने किम के पार्टी के खिलाफ मतदान किया है. संख्या के लिहाज से देखा जाए तो यह करीब 18 हजार के आसपास है. क्योंकि उत्तर कोरिया में अनुमानित तौर पर कुल 18 हजार वोटर्स हैं.

न्यूज एजेंसी के मुताबिक 687 सीटों के लिए हुए इस चुनाव में 99.99 प्रतिशत मत पड़े हैं. 0.0037 प्रतिशत मतदाता विदेश में होने या समुद्री क्षेत्रों में कार्यरत होने के कारण चुनाव में भाग नहीं ले सके, जबकि 0.00003 प्रतिशत ने मतदान से परहेज किया.

नॉर्थ कोरिया में चुनाव को लेकर नियम
एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया में मतदान करना अनिवार्य है. पहले प्रवासी नागरिकों को वोट डालने का अधिकार नहीं था, लेकिन 2021 में चीन और रूस में रहने वाले उत्तर कोरिया के नागरिकों को वोट डालने का अधिकार दिया गया. नॉर्थ कोरिया की चुनाव समिति इसकी व्यवस्था करती है.

नॉर्थ कोरिया में 17 साल से ज्यादा उम्र के आम नागरिक मतदान करने के लिए पात्र हैं. उत्तर कोरिया में मतदान न करना राजद्रोह के सामान है. उत्तर कोरिया में मतदान बैलेट पेपर के जरिए होता है. यहां उम्मीदवार के नाम के सामने टिक लगाना होता है. अगर किसी उम्मीदवार के विरोध में कोई मतदाता वोट डालना चाहता है तो उसे सार्वजनिक तौर पर ऐसा करना होगा.

उत्तर कोरिया की हर सीट पर सिर्फ एक उम्मीदवार चुनाव लड़ते हैं. मतदाता उसी के पक्ष में या विरोध में वोट कर सकते हैं. अगर किसी को विपक्ष में वोट करना है, तो उसे सबके सामने उस उम्मीदवार का विरोध करना होगा.

किम के विरोध में किसने डाले वोट?
उत्तर कोरिया की जो व्यवस्था है, उसमें सिर्फ स्थानीय उम्मीदवार का विरोध किया जा सकता है. ऐसे में 0.07 प्रतिशत जो विरोध का वोट है, वो स्थानीय उम्मीदवार के खिलाफ पड़ा है. वो भी सभी 687 सीटों पर. औसतन देखा जाए तो हर सीट पर औसतन 26 वोट विरोध में डाले गए हैं.

यह विरोध किम जोंग उन का नहीं है. क्योंकि, किम खुद इस चुनाव में नहीं उतरते हैं. हालांकि, उनकी पार्टी के खिलाफ जरूर यह वोट डाले गए हैं.

जानकारों का कहना है कि विरोध की व्यवस्था शुरू करके किम जोंग उन स्थानीय स्तर के गुस्से को समाप्त करने के लिए चुनाव कराते हैं. ताकि उन्हें छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिम्मेदार न ठहराया जाए. अगर उम्मीदवारों के खिलाफ जायज विरोध होता है तो किम एक्शन भी लेते हैं.

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