पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल काफी गर्म है। बीजेपी और टीएमसी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर एक-दूसरे के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रहे है। कई स्थानों पर दोनों दलों के समर्थकों के बीच झड़प और मारपीट की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। इसी तरह का एक मामला कूचबिहार जिले के माथाभंगा इलाके से भी सामने आया है।
इलाके में पुलिस बल तैनात
माथाभंगा में स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बीजेपी उम्मीदवार सावित्री बर्मन की गाड़ी पर हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। हालत को नियंत्रित करने के लिए पूरे इलाके में पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। इस घटना को लेकर बीजेपी नेताओं ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग करते हुए दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की अपील की है।
NIA ने 7 को किया गिरफ्तार
वहीं दूसरी तरफ, मालदा न्यायिक अधिकारियों के घेराव से जुड़े मामले में NIA ने कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के एक उम्मीदवार समेत 7 लोगों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के एक पंचायत सदस्य को भी गिरफ्तार किया गया है।
कांग्रेस उम्मीदवार की लिया गया हिरासत में
यह कार्रवाई मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नाम हटाए जाने के विरोध में मालदा में न्यायिक अधिकारियों के घेराव से जुड़े मामले में को गई है। एक अधिकारी के मुताबिक,मोथाबाड़ी के कांग्रेस उम्मीदवार सायंम चौधरी को उनके कुछ समर्थकों के साथ उस वक्त हिरासत में लिया गया, जब वह अलीनगर पंचायत क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर रहे थे।
NIA को सौंपी गई जांच
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद निर्वाचन आयोग ने एक अप्रैल को हुई घेराव की घटना की जांच NIA को सौंप दी है। इस मामले में अदालत ने पश्चिम बंगाल प्रशासन की कड़ी आलोचना भी की थी। एक अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती जानकारी के आधार पर ISF के ग्राम पंचायत सदस्य गुलाम रब्बानी को गिरफ्तार किया गया, जिसके लिए सुराग AIMIM सदस्य मौफकारुल इसलाम से पूछताछ के दौरान मिले थे, जिसे पहले ही राज्य पुलिस हिरासत में ले चुकी थी।
