पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: एंटाली सीट पर क्या हैं सियासी समीकरण? य़हां समझिए पूरा चुनावी इतिहास

West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल की एंटाली विधानसभा सीट कोलकाता की प्रमुख शहरी सीटों में गिनी जाती है। यह इलाका घनी आबादी, अल्पसंख्यक मतदाताओं, कामकाजी वर्ग और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए जाना जाता है। पिछले 3 विधानसभा चुनावों में इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दबदबा बना हुआ है। हालांकि 2021 के चुनाव में बीजेपी ने तेजी से अपना वोट शेयर बढ़ाकर मुकाबले को सियासी रूप से अहम बना दिया है। 2026 के चुनाव में एंटाली सीट एक बार फिर हाई-प्रोफाइल शहरी सीट के रूप में देखी जा रही है।

2021 के चुनावों में हुई थी TMC की बड़ी जीत
2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में एंटाली सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार स्वर्ण कमल साहा ने शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने बीजेपी की प्रियंका टिबरेवाल को बड़े अंतर से हराया। इस चुनाव में स्वर्ण कमल साहा को 1,01,709 वोट मिले थे, जबकि प्रियंका टिबरेवाल को 43,452 वोट प्राप्त हुए। इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के मो. इक़बाल आलम को 4,354 वोट मिले थे, जबकि NOTA के पक्ष में 991 वोट पड़े थे। इस प्रकार TMC उम्मीदवार ने इन चुनावों में 58,257 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की थी।

2016 में दूसरे नंबर पर थी CPI(M)
2016 के विधानसभा चुनाव में एंटाली सीट पर मुकाबला मुख्य रूप से TMC और CPI(M) के बीच रहा था। इस चुनाव में भी TMC के स्वर्ण कमल साहा ने जीत दर्ज की। उन्हें 75,841 वोट मिले थे, जबकि CPI(M) के देबेश दास को 47,853 वोट प्राप्त हुए थे। वहीं, BJP के सुधीर कुमार पांडे को 14,682 वोट और NOTA के पक्ष में 2,321 वोट डाले गए थे। यह परिणाम दर्शाता है कि उस समय तक एंटाली सीट पर वाम मोर्चे की उपस्थिति पूरी तरह समाप्त नहीं हुई थी और मुकाबला मुख्य रूप से TMC और वाम दलों के बीच केंद्रित था।

2011 में टीएमसी ने CPI(M) से छीनी सीट
2011 का विधानसभा चुनाव पश्चिम बंगाल की राजनीति में बदलाव का महत्वपूर्ण दौर था। इसी चुनाव में एंटाली सीट पर TMC ने CPI(M) से यह सीट छीन ली थी। इन चुनावों में TMC के स्वर्ण कमल साहा को 75,891 वोट मिले थे, जबकि CPI(M) के देबेश दास को 50,895 वोट प्राप्त हुए। BJP के सुधीर कुमार पांडे को इन चुनावों में महज 3,230 वोट मिले। इस चुनाव के बाद से एंटाली सीट पर TMC का दबदबा स्थापित हुआ, जो बाद के चुनावों में भी कायम रहा। यह TMC सूबे की सत्ता पर काबिज हुई थी।

2026 के चुनाव के क्या हैं समीकरण?
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में एंटाली सीट पर मुकाबला मुख्य रूप से TMC और BJP के बीच सिमटा हुआ दिखाई देता है, जबकि वाम दलों और अन्य पार्टियों का प्रभाव पहले की तुलना में सीमित हो गया है। इस सीट पर चुनाव परिणाम को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में अल्पसंख्यक और कामकाजी वर्ग के मतदाताओं का रुझान, BJP का बढ़ता शहरी वोट शेयर, और TMC की संगठनात्मक मजबूती तथा स्थानीय पकड़ शामिल हैं। इसके अलावा कानून-व्यवस्था, नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे, मतदान प्रतिशत और युवा मतदाताओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। माना जा रहा है कि 2026 में इस सीट पर रोमांचक मुकाबला हो सकता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बिहार के इन 2 हजार लोगों का धर्म क्या है? विश्व का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड कौन सा है? दंतेवाड़ा एक बार फिर नक्सली हमले से दहल उठा SATISH KAUSHIK PASSES AWAY: हंसाते हंसाते रुला गए सतीश, हृदयगति रुकने से हुआ निधन India beat new Zealand 3-0. भारत ने किया कीवियों का सूपड़ा साफ, बने नम्बर 1