West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में पूर्व बर्दवान जिले की कालना विधानसभा सीट बेहद अहम मानी जाती है। यह सीट ग्रामीण और शहरी इलाकों का मिश्रण है। यहां किसान, छोटे व्यापारी और मध्यमवर्गीय मतदाता बड़ी संख्या में हैं। सामाजिक संरचना की दृष्टि से यहां सामान्य, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक समुदायों का संतुलित प्रभाव देखा जाता है, जो चुनावी नतीजों को सीधे प्रभावित करता है।
2016 का विधानसभा चुनाव
कालना सीट को कभी वामपंथ का मजबूत गढ़ माना जाता था, लेकिन 2011 के बाद राज्य की राजनीति में बदलाव के साथ यहां भी सत्ता समीकरण बदले। 2016 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कालना सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला। इस चुनाव में टीएमसी के उम्मीदवार विश्वजीत कुंडू ने जीत दर्ज की। उन्होंने वाम मोर्चा समर्थित उम्मीदवार को हराकर सीट अपने नाम की। उस समय पूरे राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी की लहर थी, जिसका असर कालना में भी साफ दिखाई दिया था।
2021 का विधानसभा चुनाव
2021 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर कालना सीट पर टीएमसी ने मजबूती दिखाई। इस बार भी टीएमसी उम्मीदवार देबोप्रसाद बैग (पोल्टू) ने जीत हासिल की। हालांकि, इस चुनाव में भाजपा ने पूरे राज्य में आक्रामक प्रचार किया और कई क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत की, लेकिन कालना में टीएमसी की संगठनात्मक पकड़ और स्थानीय नेतृत्व ने उसे बढ़त दिलाई। 2021 का चुनाव राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम था, क्योंकि भाजपा ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर चुनौती पेश की थी।
राजनीतिक महत्व
कालना सीट का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह क्षेत्र पूर्व बर्दवान की राजनीतिक दिशा तय करने में भूमिका निभाता है। यहां का मतदान पैटर्न अक्सर ग्रामीण बंगाल के रुझान को दर्शाता है। कालना विधानसभा सीट पर 2016 और 2021 में टीएमसी ने बाजी मारी है। अब आने वाले चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीएमसी अपनी पकड़ बनाए रखती है या विपक्ष कोई नई रणनीति के साथ यहां बदलाव ला पाता है।

