Darjeeling Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में जल्द ही विधानसभा चुनाव की घोषणा होने जा रही है। माना जा रहा है कि राज्य में अप्रैल महीने में वोटिंग कराई जा सकती है। ऐसे में राज्य के सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है और चुनावी तैयारियों में जुट चुके हैं। ऐसे समय में सभी की नजरें राज्य की प्रमुख विधानसभा सीटों पर है। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल की दार्जिलिंग विधानसभा सीट भी राज्य के प्रमुख सीटों में से एक मानी जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या है इस सीट का सियासी समीकरण।
जानें दार्जिलिंग सीट के बारे में
दार्जिलिंग विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल के 294 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। यहां दार्जिलिंग जिले के तहत आती है। इसका निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 23 है। बता दें कि दार्जिलिंग एक सामान्य श्रेणी की सीट है जो कि अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित नहीं है। इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और वाम दल मुख्य प्रमुख पार्टियां हैं। साल 2021 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के नीरज जिम्बा ने गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) नेता केशव राज शर्मा को 21,000 वोटों के अंतर से हराकर यह सीट जीती थी। 2021 के चुनाव में दार्जिलिंग सीट पर वैध वोटों की कुल संख्या 1,69,949 यानी 68.9 प्रतिशत थी।
सीट पर कितने वोटर्स हैं?
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, साल 2021 हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान दार्जिलिंग निर्वाचन क्षेत्र में 2,46,663 वोटर्स थे। इनमें से 1,23,409 पुरुष और 1,23,252 महिला वोटर्स थे। यहां दो वोटर्स तृतीय लिंग के थे। निर्वाचन क्षेत्र में 4,680 डाक वोट डाले गए। वहीं सीट पर सर्विस वोटर्स की संख्या 4,024 थी। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट का SIR कराया जा रहा है। ऐसे में आखिरी डाटा में आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।
बीते चुनाव का परिणाम
2021: नीरज जिम्बा (भाजपा)
2019: उपचुनाव: नीरज जिम्बा (भाजपा)
2016: अमर सिंह राय (गोरखा जनमुक्ति मोर्चा)
2011: त्रिलोक दीवान (गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट)
2006: प्रणय राय (गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट)
2001: डीके प्रधान (गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट)
1996: नर बहादुर छेत्री (गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट)
1991: नरेंद्र कुमाई (गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट)
1987: दावा लामा (सीपीआईएम)
1982: दावा लामा (सीपीआईएम)
1977: देव प्रकाश राय (अखिल भारतीय गोरखा लीग)
1972: देव प्रकाश राय (अखिल भारतीय गोरखा लीग)
1971: देव प्रकाश राय (अखिल भारतीय गोरखा लीग)
1969: देव प्रकाश राय (अखिल भारतीय गोरखा लीग)
1967: देव प्रकाश राय (अखिल भारतीय गोरखा लीग)
1962: देव प्रकाश राय (अखिल भारतीय गोरखा लीग)
1957: देव प्रकाश राय (स्वतंत्र)
1951: दलबहादुर सिंह गहतराज (स्वतंत्र)

