पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावः हाबरा सीट पर किसके सिर सजेगा जीत का सेहरा, यहां का सियासी इतिहास भी जानें

पश्चिम बंगाल की हाबरा सीट पर तृणमूल कांग्रेस पिछले 3 चुनाव लगातार जीती है। हालांकि बीजेपी ने भी यहां अपनी स्थिति में सुधार किया है। ऐसे में इस सीट पर टीएमसी और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

हाबरा: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। किसी भी समय चुनावों की तारीखों की घोषणा हो सकती है। ऐसे में सभी सियासी दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। ऐसे में हम आपको पश्चिम बंगाल की हाबरा सीट के बारे में बताने जा रहे हैं।

क्या है हाबरा सीट का इतिहास?

हाबरा विधानसभा सीट, बारासात लोकसभा क्षेत्र की सात विधानसभा सीटों में से एक है। ये सीट 1951 से चुनावों में है और यहां अब तक 17 विधानसभा चुनाव हुए हैं। इन चुनावों में सबसे ज्यादा दबदबा कांग्रेस और सीपीआई का रहा है। दोनों पार्टियों को यहां से 6-6 बार जीत हासिल हुई है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने यहां से अब तक 4 बार जीत पाई है।

पिछले तीन चुनावों से लगातार यहां से तृणमूल कांग्रेस जीत रही है। यानी 2011, 2016 और 2021 में यहां से तृणमूल जीती है। ऐसे में ये कहा जा सकता है कि यहां वर्तमान में टीएमसी का वर्चस्व है और इस चुनाव में बाकी पार्टियों के लिए इस सीट पर टीएमसी से लोहा लेना एक बड़ी चुनौती होगी।

हालांकि बीजेपी ने यहां पर अपनी स्थिति में सुधार किया है जोकि 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी दिखा। हालांकि बीजेपी ने कभी हाबरा पर जीत हासिल नहीं कर पाई है। हाबरा एक ऐसा इलाका है, जो सपाट और उपजाऊ है। यहां छोटे उद्योग और खुदरा कारोबार है। कनेक्टिविटी की बात करें तो ये जगह कोलकाता से करीब 45 किलोमीटर दूर है।

इस सीट पर बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

क्या थे साल 2021 के चुनाव नतीजे ?

साल 2021 में इस सीट से तृणमूल कांग्रेस की ज्योति प्रिया मलिक जीती थीं। उन्हें 90,533 वोट मिले थे। विजेता पार्टी का वोट प्रतिशत 44.3% रहा था। जीत के अंतर का प्रतिशत 1.8% रहा था। दूसरे नंबर पर BJP के राहुल बिश्वजीत सिन्हा रहे थे। उन्हें 86,692 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर CPI(M) के रिजिनांदन बिस्वास रहे थे। उन्हें 21,994 वोट मिले थे।

क्या थे 2016 के चुनाव के नतीजे?

साल 2016 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से तृणमूल कांग्रेस की ज्योति प्रिया मलिक जीती थीं।

उन्हें 1,01,590 वोट मिले थे। विजेता पार्टी का वोट प्रतिशत 54.3% रहा था। जीत अंतर का प्रतिशत 24.6% रहा था। दूसरे नंबर पर इस सीट से सीपीएम के आशीष कांथा मुखर्जी रहे थे। उन्हें 55,643 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर BJP के गोविंदो दास रहे थे। उन्हें 22,967 वोट मिले थे।

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