Bishnupur Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बिष्णुपुर की सीट पर सभी की निगाहें रहेंगी। यहां के मतदाता पिछले दो चुनाव से टीएमसी को नकारते आ रहे हैं, लेकिन यहां से जो भी जीतता है, वह टीएमसी में शामिल हो जाता है। इस बार भी जनता किसी अलग विकल्प को चुन सकती है। 2011 में यहां सीपीआईएम का दबदबा खत्म हुआ था। इसके बाद से कोई भी पार्टी लगातार दो जीत नहीं हासिल कर पाई है। हालांकि, जो भी यहां से जीता है, वह टीएमसी में शामिल हुआ है।
बिष्णुपुर में लोकसभा चुनाव में बीजेपी आगे रही है। ऐसे में विधानसभा चुनाव में पार्टी दोबारा जीत हासिल करने का सपना देख रही होगी। 2019 में बीजेपी को टीएमसी पर 22,818 वोटों की बढ़त मिली थी। वहीं, 2024 में 15,042 वोटों की बढ़त मिली। ऐसे में 2021 में जीतने वाली बीजेपी 2026 में भी जीत हासिल करना चाहेगी।
कैसा रहा इतिहास?
बिष्णुपुर सीट पर 1952 से चुनाव हो रहे हैं। शुरुआती पांच चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। हालांकि, इसके बाद 1977 से यह सीट सीपीआईएम का गढ़ बन गई। 2006 तक लगातार सात बार सीपीआईएम के उम्मीदवारों को इस सीट से जीत मिली। इसके बाद से यहां की राजनीति में मतदाताओं के फैसले पर दलबदल हावी रही है। 2011 में टीएमसी ने जीत हासिल की। वहीं, 2016 में कांग्रेस और 2021 में बीजेपी ने जीत हासिल की, लेकिन दोनों पार्टियों के विधायक टीएमसी में शामिल हो गए।
बीजेपी के पक्ष में हैं समीकरण
इस सीट पर पिछले दो दशक के नतीजे देखें तो चार चुनाव में चार अलग-अलग पार्टियों ने जीत हासिल की है। हालांकि, समीकरण बीजेपी के पक्ष में नजर आते हैं। 2016 के चुनाव में यहां कांग्रेस को जीत मिली थी। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी आगे रही। 2021 विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार को जीत मिली और 2024 लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी आगे रही। हालांकि, 2019 की तुलना में बीजेपी की बढ़त 2024 में कम थी। ऐसे में बीजेपी को सतर्क रहना होगा। भले ही पिछले तीन चुनावों का ट्रेंड उसके पक्ष में हो।

