Matigara-Naxalbari Assembly Election: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनाव आयोग ने अभी इसकी तारीखों का ऐलान नहीं किया है लेकिन जल्द ही यहां के विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा होगी। माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी, पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले की विधानसभा सीट है। यह सीट अनुसूचित जाति के प्रत्याशियों के लिए रिजर्व है। माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट, दार्जिलिंग लोकसभा क्षेत्र में आती है।
वर्तमान राजनीतिक स्थिति
2021 के विधानसभा चुनाव में माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट पर BJP ने बड़ी जीत हासिल की थी। यहां अभी आनंदमय बर्मन विधायक हैं। BJP उम्मीदवार आनंदमय बर्मन ने TMC के राजेन सुंदास को 70 हजार 848 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया था। इस चुनाव में आनंदमय बर्मन का वोट शेयर 58.1 प्रतिशत रहा था। वहीं, TMC प्रत्याशी को महज 28.65 फीसदी वोट ही मिले।
माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी का सियासी समीकरण
2011 की जनगणना के मुताबिक, माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी विधानसभा सीट की करीब 64.19 प्रतिशत आबादी ग्रामीण और 35.81 फीसदी शहरी है। जातिगत समीकरण की बात करें तो यहां अनुसूचित जाति की जनसंख्या करीब 31.69 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति की आबादी 16.24 फीसदी है। माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी विधानसभा सीट में राजवंशी, गोरखा और आदिवासी समुदाय के वोटर चुनावी परिणामों में निर्णायक रोल निभाते हैं। 2024 की वोटर लिस्ट के अनुसार, माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी विधानसभा सीट में 3 लाख से ज्यादा वोटर हैं।
कम हुआ कांग्रेस का दबदबा
माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट 2011 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। यहां 2011 में कांग्रेस के शंकर मालाकार जीते थे। उसके बाद 2016 के विधानसभा चुनाव में यहां फिर से शंकर मालाकार विजयी हुए। वहीं, 2021 के चुनाव में माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट पर बीजेपी ने बाजी मारी और आनंदमय बर्मन विधायक बन गए।
माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी की समस्याएं
माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी विधानसभा सीट पर चाय बागानों के श्रमिकों की समस्याएं, जमीन के हक और इन्फ्रास्ट्रक्चर यहां के प्रमुख लोकल मुद्दे हैं। राजनीतिक बदलाव की बात करें तो पिछले एक दशक में माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी विधानसभा सीट पर कांग्रेस का प्रभाव कम हो गया। यहां BJP एक मजबूत शक्ति के तौर पर उभरी है।

