Assembly Election

West Bengal Assembly Elections 2026: बीजेपी या TMC, काशीपुर सीट पर कौन मारेगा बाजी? जानिए सियासी समीकरण

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: काशीपुर विधानसभा एक सामान्य श्रेणी का विधानसभा क्षेत्र है, जो लंबे समय तक कांग्रेस और CPI(M) के दबदबे वाला विधानसभा क्षेत्र था जिसपर अब तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी जंग देखने को मिलेगी। यह पुरुलिया लोकसभा सीट का एक हिस्सा है। काशीपुर विधानसभा सीट 1957 में बनी थी, इस सीट पर अबतक 16 बार चुनाव हो चुके हैं, जिसमें CPI(M) ने सात बार जीत दर्ज की है, उसके बाद 1977 और 2006 के बीच लगातार कांग्रेस ने पांच बार इस सीट पर जीत दर्ज की है। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने इस सीट पर दो बार जीत का परचचम लहराया है, जबकि CPI और भाजपा ने भी एक-एक बार इस सीट से जीत का स्वाद चखा है।

काशीपुर में कब किसका रहा दबदबा

काशीपुर सीट से 2001 और 2006 में तृणमूल कांग्रेस अपना खाता खोलने में नाकाम रही थी, और फिर आखिरकार 2011 में CPI(M) के सात-टर्म के शासन को खत्म कर काशीपुर सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार स्वपन कुमार बेल्थारिया ने CPI(M) के सुभाष चंद्र महाता को 3,721 वोटों से हराया और इस सीट से जीते थे। सीपीआई एम के बेल्थारिया ने 2016 में यह सीट जीती थी और तब उन्होंने CPI(M) के सुदीन किस्कू को हराया था। हालांकि बेल्थारिया 2021 में भाजपा की लहर का सामना नहीं कर सके और भाजपा उम्मीदवार कमलाकांत हांसदा ने उन्हें 7,387 वोटों से हरा दिया था।

काशीपुर क्षेत्र में लोकसभा चुनाव के नतीजे देखें तो साल 2009 के चुनाव में इस सीट से फॉरवर्ड ब्लॉक कांग्रेस से 12,488 वोटों से आगे था और फिर 2014 में, तृणमूल फॉरवर्ड ब्लॉक से 27,698 वोटों से आगे थी और फिर 2019 में काशीपुर सीट का माहौल बीजेपी के पक्ष में हो गया, जब उसे 16,154 वोटों की बढ़त मिली। लेकिन फिर 2024 में तृणमूल कांग्रेस किसी तरह थोड़ी सी बढ़त हासिल करने में कामयाब रही, जो बीजेपी से सिर्फ 1,866 वोट ज्यादा थी। इस तरह से देखें तो इस बार इस सीट पर भाजपा बनाम तृणमूल कांग्रेस की सियासी जंग देखने को मिलेगी।

काशीपुर में कब कितने वोटर्स

2024 में काशीपुर में 247,248 रजिस्टर्ड वोटर थे, जो 2021 में 238,871, 2019 में 2,27,397, साल 2016 में 2,16,953 और साल 2011 में 1,88,352 थे। काशीपुर में अनुसूचित जाति के वोटर सबसे ज्यादा हैं, जिनकी संख्या 26.46 प्रतिशत है, इसके बाद अनुसूचित जनजाति के वोटर हैं, जो 24.36 प्रतिशत हैं। यहां मुसलमानों की संख्या बहुत कम है, यह मुख्य रूप से ग्रामीण सीट है, जहां 91.45 प्रतिशत वोटर गांवों में रहते हैं और सिर्फ 8.55 प्रतिशत शहरी इलाकों में। वोटिंग प्रतिशत 2011 में 82.49 प्रतिशत, 2016 में 82.83 प्रतिशत, और 2019 और 2021 दोनों में 82.17 प्रतिशत रहा, लेकिन 2024 में पहली बार घटकर 77.57 प्रतिशत हो गया था।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बिहार के इन 2 हजार लोगों का धर्म क्या है? विश्व का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड कौन सा है? दंतेवाड़ा एक बार फिर नक्सली हमले से दहल उठा SATISH KAUSHIK PASSES AWAY: हंसाते हंसाते रुला गए सतीश, हृदयगति रुकने से हुआ निधन India beat new Zealand 3-0. भारत ने किया कीवियों का सूपड़ा साफ, बने नम्बर 1