West Bengal Assembly Elections 2026: बहरामपुर विधानसभा सीट 294 चुनाव क्षेत्रों में से एक है। यह मुर्शिदाबाद ज़िले के अंतगर्त आती है। यह सीट सामान्य कैटेगरी की है। बहरामपुर विधानसभा क्षेत्र बहरामपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यहां पर टीएमसी, बीजेपी, कांग्रेस और सीपीआई एम प्रमुख पार्टियां हैं। हुमायूं कबीर की पार्टी भी पहली बार चुनाव लड़ रही है। असदुद्दीन की पार्टी एआईएमआईएम भी बंगाल में चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
बहरामपुर के बारे में जानें
बहरामपुर मुस्लिम बहुल सीट है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की आबादी भी बड़ी संख्या में हैं। यह शहरी बहुल सीट है। 70 प्रतिशत से ज्यादा वोटर शहर रहते हैं। 28 प्रतिशत मतदाता ग्रामीण इलाकों में रहते हैं।बहरामपुर शहर अपनी मिठाई बनाने की परंपरा के लिए भी जाना जाता है, जिसमें चनाबोरा और मनोहरा जैसी डिशेज़ इसकी कल्चरल पहचान को और बढ़ाती हैं।
बहरामपुर सीट का चुनावी इतिहास
बहरामपुर असेंबली सीट 1951 में बनी थी। हालांकि, 1951 और 2006 के बीच, इसे बरहमपुर सीट के नाम से जाना जाता था। 2011 के असेंबली चुनावों से डिलिमिटेशन कमीशन ने इसका नाम बदलकर बहरामपुर कर दिया। 1951 से 2006 के बीच हुए 14 चुनावों में कांग्रेस पार्टी आठ बार जीती, जबकि रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी ने तीन बार जीत दर्ज की। सीपीआई एम ने यह सीट दो बार जीती। 2006 में निर्दलीय मनोज चक्रवर्ती ने यह सीट जीती। इसके बाद मनोज चक्रवर्ती ने 2011 और 2016 में कांग्रेस के लिए दो बार सीट जीती। 2021 में बीजेपी ने यहां पर पहली बार जीती।
साल 2021 में बीजेपी के सुब्रता मैत्रा (कंचन) ने 26 हजार से ज्यादा वोटों से यहां से जीत दर्ज की थी। दूसरे नंबर पर कांग्रेस थी। 2011 और 2016 में कांग्रेस को जीत मिली। 2001, 1996, 1991 में भी कांग्रेस को यहां पर जीत मिली थी।
बहरामपुर सीट पर कांग्रेस और बीजेपी में हो सकती है कड़ी टक्कर
मुस्लिम बहुल बहरामपुर सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच मुख्य मुकाबला देखने को मिल सकता है। टीएमसी भी यहां पर जीत दर्ज करने की कोशिश करेगी। हुमायूं कबीर की पार्टी और असदुद्दीन की पार्टी एआईएमआईएम के चुनाव लड़ने से कांग्रेस और टीएमसी की टेंशन बढ़ सकती है।

