Bengal Election

West Bengal Assembly Election 2026: कोलकाता पोर्ट सीट पर क्या हैं सियासी समीकरण? समझिए यहां का चुनावी इतिहास

West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल की कोलकाता पोर्ट विधानसभा सीट राज्य की सबसे मजबूत और रणनीतिक रूप से अहम सीटों में गिनी जाती है। यह सीट कोलकाता के पुराने शहर, बंदरगाह क्षेत्र और घनी आबादी वाले इलाकों का प्रतिनिधित्व करती है। लंबे समय से यह सीट तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम का राजनीतिक गढ़ मानी जाती रही है। पिछले 3 विधानसभा चुनावों में TMC ने यहां लगातार जीत दर्ज की है और 2026 के चुनाव में भी इस सीट पर पार्टी की स्थिति फिलहाल मजबूत नजर आ रही है।

2021 में फिरहाद हकीम की हुई थी बड़ी जीत
2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC उम्मीदवार फिरहाद हकीम ने कोलकाता पोर्ट सीट से रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की थी। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार अवध किशोर गुप्ता को 68,554 वोटों से हराया था। आइए, जानते हैं 2021 के चुनावों में किस पार्टी के उम्मीदवार को कितने वोट मिले थे:

2021 का चुनाव परिणाम

फिरहाद हकीम (TMC): 1,05,543 वोट (69.23%)
अवध किशोर गुप्ता (BJP): 36,989 वोट (24.26%)
मो. मुख्तार (कांग्रेस): 5,590 वोट (3.67%)
NOTA: 1,360 वोट (0.89%)
2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में कोलकाता पोर्ट सीट पर 64.64 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो शहरी सीटों में अपेक्षाकृत अच्छा माना गया।

2016 में भी हकीम ने लहराया था परचम
2016 के विधानसभा चुनाव में भी फिरहाद हकीम ने बड़ी जीत दर्ज की थी और अपनी बढ़त को मजबूत किया था। उन चुनावों में दूसरे नंबर पर कांग्रेस थी। आइए, जानते हैं उन चुनावों में किस पार्टी के उम्मीदवार को कितने वोट मिले थे:

2016 का चुनाव परिणाम

फिरहाद हकीम (TMC): 73,459 वोट (53.21%)
राकेश सिंह (कांग्रेस): 46,911 वोट (33.98%)
अवध किशोर गुप्ता (BJP): 11,700 वोट (8.48%)
NOTA: 2,164 वोट (1.57%)
यह चुनाव दिखाता है कि कोलकाता पोर्ट सीट पर TMC का कोर वोट बैंक स्थिर रहा है, जबकि बीजेपी ने धीरे-धीरे अपनी मौजूदगी बढ़ाती गई है।

2011 में हकीम ने दर्ज की पहली जीत
2011 के विधानसभा चुनाव में, जब पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन हुआ, तब फिरहाद हकीम ने कोलकाता पोर्ट सीट से जीत हासिल की थी। 2011 के चुनावों से पहले इस सीट का नाम गार्डेन रीच हुआ करता था।

2011 का चुनाव परिणाम

फिरहाद हकीम (TMC): 63,866 वोट (48.63%)
मोइनुद्दीन सैम्स (AIFB): 38,833 वोट (29.57%)
राम प्यारे राम (निर्दलीय): 22,131 वोट (16.85%)
राज कुमारी शॉ (BJP): 2,699 वोट (2.06%)
कोलकाता पोर्ट में क्या होंगे निर्णायक फैक्टर?
2026 में कोलकाता पोर्ट विधानसभा सीट पर मुकाबला औपचारिक रूप से तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच माना जा रहा है, हालांकि यहां पिछले कुछ चुनावों से फिरहाद हकीम लगातार जीत दर्ज करते आए हैं। हकीम की स्थानीय पकड़ और संगठनात्मक ताकत इस बार भी अहम फैक्टर रहने वाला है। अल्पसंख्यक और श्रमिक वर्ग का वोट पैटर्न, शहरी बुनियादी सुविधाएं व विकास के मुद्दे परिणाम को प्रभावित करेंगे। कई सियासी पंडितों का मानना है कि बीजेपी इस बार अच्छी चुनौती दे सकती है। मौजूदा समीकरणों में यह सीट TMC की सबसे सुरक्षित सीटों में गिनी जा रही है, लेकिन चुनावों में जनता जनार्दन कुछ भी कर सकती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बिहार के इन 2 हजार लोगों का धर्म क्या है? विश्व का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड कौन सा है? दंतेवाड़ा एक बार फिर नक्सली हमले से दहल उठा SATISH KAUSHIK PASSES AWAY: हंसाते हंसाते रुला गए सतीश, हृदयगति रुकने से हुआ निधन India beat new Zealand 3-0. भारत ने किया कीवियों का सूपड़ा साफ, बने नम्बर 1