संसद का मानसून सत्र अभी भी जारी है। शुक्रवार को मानसून सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में कई अहम विधायी प्रस्तावों पर चर्चा और कार्रवाई होनी थी। हालांकि दोनों सदनों को हंगामे की वजह से स्थगित कर दिया गया। दोनों सदनों की अगली कार्यवाही अब 3 अगस्त को शुरू होगी। बता दें कि लोकसभा में सदस्य ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026’ और ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा और मतदान होना था। वहीं, राज्यसभा में ‘सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा होनी थी।
दूसरी तरफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश करने वाले थे, जिसका मकसद ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969’ में संशोधन करना है। हालांकि दोनों सदनों में विपक्ष की ओर से लगातार हंगामा जारी रहा, जिसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया।
राम मंदिर चंदा चढ़ावा पूरे राष्ट्र का सवाल है: अवधेश प्रसाद
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, “राम मंदिर चंदा चढ़ावा पूरे राष्ट्र का सवाल है, करोड़ों लोगों की आस्था का सवाल है। इस विषय पर पूरा राष्ट्र एक साथ है। अफसोस है कि एक महीने से ज्यादा हो गया है और सरकार कुछ नहीं कर रही है। इसकी लड़ाई समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक मजबूती के साथ लड़ेगी।”
‘अयोध्या की घटनाओं पर गौर करें’: धर्मेंद्र यादव
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कह, “अयोध्या की घटनाओं पर गौर करें, चढ़ावा चढ़ाने गए भक्तों को रसीदें नहीं दी गईं; दान पेटी तक पहुंचने से पहले ही पैसे ले लिए गए। गिनती वाली जगह पर CCTV कैमरों ने कुछ ही दिनों में गड़बड़ी के सत्तर वीडियो रिकॉर्ड किए, फिर भी बाद में सारा पुराना फुटेज डिलीट कर दिया गया। हमारा विरोध सांकेतिक था, जिसका मकसद अयोध्या में हो रही खुली लूट को उजागर करना था। यह लूट तब से चल रही है जब 2020 में भगवान श्री राम के मंदिर के निर्माण के लिए ट्रस्ट बना था। यह सारा पैसा BJP, RSS और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोगों की जेबों और बैंक खातों में चला गया है। विपक्ष में हम लगातार मांग कर रहे हैं, जिसमें स्पीकर से की गई मांग भी शामिल है, कि हमें इस मामले पर चर्चा करने का मौका दिया जाए।”
राहुल गांधी ने सवाल पूछने पर कहा- ‘आप बीजेपी के हो क्या?’
छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस कर्मियों के परिवार वालों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में पूछे जाने पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “आप बीजेपी के हो क्या?”
पेपर लीक ने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया: इमरान मसूद
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “पिछले 12 सालों में पेपर लीक ने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। सबसे पहले, संस्थानों से RSS विचारधारा वाले लोगों को हटाया जाए।” राहुल गांधी के ट्वीट पर उन्होंने कहा, “नोएडा में पुलिस ने एक लड़की के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह आवाज को दबाने की कोशिश है, लेकिन चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, ये आवाज़ें फिर से उठेंगी।”
प्रियंका गांधी ने मकर द्वार पर किया प्रदर्शन
प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसदों ने 20 जुलाई को CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘पुलिस कार्रवाई’ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरोध में संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया।
हर कोई शिक्षा को लेकर गंभीर है: किरेन रिजिजू
संसद में पास हुए ‘पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “एग्ज़ाम पेपर लीक की समस्या से निपटने वाला यह बिल ज़्यादातर सांसदों के समर्थन से पास हुआ है। इस उपाय का कोई वास्तविक विरोध नहीं था, जो भी असहमति दिखी, वह राजनीतिक कारणों से थी। हर कोई शिक्षा को लेकर गंभीर है, और ख़ासकर एग्ज़ाम पेपर लीक के मुद्दे पर। हमें उम्मीद है कि संसद के सुचारू कामकाज के लिए सभी सहयोग करेंगे। अब प्राथमिकता छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए इसे जल्द से जल्द लागू करने की है, और कई अन्य महत्वपूर्ण बिल भी सूचीबद्ध हैं, जिनमें आज का बिल भी शामिल है। मैं विपक्षी दलों से अपील करता हूं: हालांकि उन्हें अपने मुद्दे उठाने की आज़ादी है, लेकिन उनके लिए और बाकी सभी के लिए यह फ़ायदेमंद होगा कि वे बिल पास होने, प्रश्नकाल या संसद के अन्य महत्वपूर्ण कामकाज में बाधा न डालें।”
MSME संशोधन बिल पेश करेंगे जीतन राम मांझी
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी राज्यसभा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) बिल, 2026 पेश करने वाले हैं। इस बिल में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 में संशोधन का प्रस्ताव है।
सुप्रीम कोर्ट जजों से जुड़े बिल पर होगी चर्चा
लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन बिल, 2026 पर भी चर्चा होगी। संसदीय मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सदन में चर्चा और पारित करने के लिए यह बिल पेश करेंगे।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन बिल पेश करेंगे अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल, 2026 पेश करेंगे। प्रस्तावित कानून का मकसद जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में संशोधन करना है।
संसद के दोनों सदनों में अहम बिलों पर चर्चा
मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों में कई अहम विधायी प्रस्तावों पर चर्चा होगी। निचले सदन में ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल, 2026’ और ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन बिल, 2026’ पर विचार किया जाएगा, जबकि ऊपरी सदन में ‘सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) बिल, 2026’ पर चर्चा होगी।

