UP Budget 2026 Highlights Update: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुधवार को विधानसभा में अपने दूसरे कार्यकाल का 10वां और संभवतः अंतिम पूर्ण बजट पेश कर दिया है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे भारी-भरकम बजट पटल पर रखा, जिसका आकार 9.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक है. वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस बजट को बेहद अहम माना जा रहा है, जिसमें सरकार ने ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ के लक्ष्य को साधने के साथ-साथ हर वर्ग को खुश करने की कोशिश की है.
वित्त मंत्री ने अपने भाषण (Suresh Khanna UP Budget Speech) में दावा किया कि डबल इंजन की सरकार के कार्यकाल में प्रदेश का सर्वांगीण विकास हुआ है, चाहे वह कानून व्यवस्था हो या फिर अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार.
आर्थिक मोर्चे पर प्रदेश की बदलती तस्वीर (UP Budget Highlights)
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन को बताया कि उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह अब बढ़कर 1,20,000 रुपये हो गई है. सरकार ने गरीबी उन्मूलन की दिशा में बड़ी कामयाबी हासिल करने का दावा करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 6 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी रेखा से बाहर आए हैं.
वहीं, बेरोजगारी की दर घटकर अब महज 2.24 प्रतिशत रह गई है, जो युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. कृषि क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने अपनी बादशाहत कायम रखी है और उत्पादन के मामले में देश में नंबर वन बना हुआ है.
क्षेत्रीय संतुलन और इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति (Yogi Adityanath UP Budget 2026)
बजट में पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखा गया है. इन इलाकों के विकास के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है ताकि क्षेत्रीय असमानता को खत्म किया जा सके. इसके अलावा, सामाजिक कल्याण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों के भरण-पोषण के लिए बजट में बढ़ोतरी के संकेत दिए गए हैं. कैबिनेट की बैठक में लखनऊ मेट्रो के विस्तार, यूपीसीडा (UPCIDA) के नए प्रोजेक्ट्स और गौतम बुद्ध नगर में विकास कार्यों को भी हरी झंडी मिलने की उम्मीद है, जो राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को और मजबूत करेंगे.

