यूक्रेन पर कब्जे के लिए पूरी दुनिया से टक्कर लेने को तैयार रूस, EU से लेकर NATO तक को दिखाई आंख

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने यूरोपीय सहयोगियों को परमाणु सुरक्षा देने का प्रस्ताव रखा है जिससे रूस में आक्रोश है. रूस ने इसे सीधा खतरा बताया है. यह प्रस्ताव यूक्रेन युद्ध और रूस-पश्चिम संबंधों में तनाव को और बढ़ा सकता है. ऐसे में माना जा रहा है पुतिन यूक्रेन के मामले किसी भी देश से भिड़ने के लिए तैयार है.

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को तीन साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अब यह संघर्ष सिर्फ इन दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में मास्को न केवल यूक्रेन को कब्जे में लेने की कोशिश कर रहा है, बल्कि पश्चिमी देशों, यूरोपीय संघ (EU) और NATO के खिलाफ भी तीखा रुख अपना चुका है. इसी बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूरोपीय सहयोगियों को परमाणु सुरक्षा देने पर विचार करने की बात कही है, जिससे तनाव और बढ़ गया है. रूस ने इस बयान को सीधा खतरा बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया चैनल पर एक लाइव कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि फ्रांस यूरोप में अपने सहयोगियों को परमाणु सुरक्षा देने के मुद्दे पर रणनीतिक बहस शुरू करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप को इस हकीकत के लिए तैयार रहना चाहिए कि अमेरिका हमेशा यूक्रेन के साथ नहीं रह सकता. मैक्रों ने कहा कि हमारी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह स्वतंत्र और संप्रभु है. यह हमें हमारे कई पड़ोसी देशों की तुलना में अधिक सुरक्षा प्रदान करती है.

रूस का बड़ा बयान

मैक्रों के बयान के बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लैवरोव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फ्रांस का यह बयान रूस के लिए सीधा खतरा है. लैवरोव ने कहा कि अगर मैक्रों हमें खतरा मानते हैं और यूरोपीय देशों के सैन्य प्रमुखों के साथ परमाणु हथियारों को लेकर चर्चा कर रहे हैं, तो यह युद्ध भड़काने की कोशिश है.

नाटो और ईयू को भी दिखाई आंख

रूस पहले से ही नाटो (NATO) और यूरोपीय संघ (EU) को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा मानता आया है. ऐसे में फ्रांस का यह ऐलान पश्चिमी देशों और रूस के बीच पहले से चल रहे तनाव को और अधिक बढ़ा सकता है. फ्रांस के राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि यूरोप को अपनी सुरक्षा और रक्षा नीतियों में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका अब यूक्रेन युद्ध को लेकर अपने रुख में बदलाव कर रहा है. ऐसे में हमें यह मानकर चलना होगा कि भविष्य में वह हमारे साथ न भी रहे.

हालांकि, जर्मन चांसलर ने इस मुद्दे पर संयम बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि नाटो की परमाणु साझेदारी को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए और यूरोप को अमेरिका के समर्थन की जरूरत बनी रहेगी.

यूरोपीय नेताओं की बैठक

मैक्रों ने अगले हफ्ते पेरिस में यूरोपीय नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाने की घोषणा की है. इस बैठक में यूरोपीय रक्षा नीति, यूक्रेन-रूस युद्ध और यूरोप की सुरक्षा रणनीति पर चर्चा की जाएगी. मैक्रों ने यह भी कहा कि यदि युद्ध समाप्त होता है, तो यूरोप शांति सैनिकों को यूक्रेन भेज सकता है, ताकि रूस दोबारा हमला न कर सके. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी कहा है कि कुछ यूरोपीय देश मिलकर युद्ध रोकने की योजना बना रहे हैं, जिसे बाद में अमेरिका के सामने पेश किया जाएगा.

रूस और पश्चिमी देशों में तनाव

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने फ्रांसीसी अखबार ले फिगारो को दिए इंटरव्यू में बताया कि फ्रांस और ब्रिटेन ने यूक्रेन में एक महीने के लिए सीमित युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है. यह शांति बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है. रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही कह चुके हैं कि यूक्रेन पर कब्जा करना रूस की सुरक्षा के लिए जरूरी है, वहीं यूरोप इसे लोकतंत्र पर हमला मानता है.

बिहार के इन 2 हजार लोगों का धर्म क्या है? विश्व का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड कौन सा है? दंतेवाड़ा एक बार फिर नक्सली हमले से दहल उठा SATISH KAUSHIK PASSES AWAY: हंसाते हंसाते रुला गए सतीश, हृदयगति रुकने से हुआ निधन India beat new Zealand 3-0. भारत ने किया कीवियों का सूपड़ा साफ, बने नम्बर 1