उत्तराखंड के नैनीताल जिले से ऐसा मामला सामने आया है जहां ठंड से बचने की कोशिश जानलेवा साबित हो गई. ये मामला 11 जनवरी का बताया जा रहा है, जहां एक व्यक्ति और उसके भतीजे की दम घुटने से मौत हो गई. दोनों ट्रक के केबिन में मृत पाए गए. केबिन में ही दोनों ने ठंड से बचने के लिए केरोसिन लैंप जलाया था. यह घटना रामनगर के पास पीरूमदारा गांव स्थित एक स्टोन क्रशर के बाहर घटी.
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के संभल जिले के रहने वाले मोहम्मद इरफान और मोहम्मद इकरार के रूप में हुई है. दोनों 10 जनवरी रात एक स्टोन क्रशर पर माल लेने के लिए पहुंचे थे. 11 जनवरी सुबह करीब पांच बजे ट्रक में सामग्री लोड कराने के बाद उन्होंने वाहन को क्रशर के बाहर खड़ा कर दिया. कड़ाके की ठंड से बचने के लिए उन्होंने ट्रक के केबिन में केरोसिन लैंप जलाया और खिड़कियां बंद कर सो गए.
कैसे सामने आया मामला?
घटना का खुलासा उस समय हुआ जब स्टोन क्रशर में काम करने वाले अन्य मजदूरों ने सुबह ट्रक के केबिन से कोई हलचल नहीं देखी. कई बार आवाज देने के बावजूद जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो मजदूरों को अनहोनी की आशंका हुई. इसके बाद उन्होंने ट्रक के शीशे तोड़े और अंदर झांककर देखा. दोनों व्यक्ति केबिन के भीतर बेहोशी की हालत में पड़े हुए थे.
मजदूरों ने तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को रामनगर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया. प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों और पुलिस ने आशंका जताई कि केबिन के अंदर बंद वातावरण में केरोसिन लैंप जलने से ऑक्सीजन की कमी हुई और जहरीली गैसें भर गईं, जिससे दम घुटने से उनकी मौत हो गई.
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है. पीटीआई के अनुसार, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के सही कारण की पुष्टि हो सके. डॉक्टरों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत पूरी तरह से दम घुटने के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय कारण भी था.
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में किसी तरह की साजिश या बाहरी हस्तक्षेप के संकेत नहीं मिले हैं. फिर भी, नियमानुसार मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है. इस घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और पुलिस ने लोगों से ठंड के मौसम में बंद जगहों पर आग या लैंप जलाने से बचने की अपील की है, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके.

