बेटी की पढ़ाई, उच्च शिक्षा या शादी जैसे बड़े खर्चों के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) एक लोकप्रिय सरकारी बचत योजना है। फिलहाल इस योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। दूसरी ओर, Mutual Fund SIP भी लंबे समय में बड़ा फंड बनाने के लिए निवेशकों के बीच काफी पसंद किया जाता है। ऐसे में अगर आप 15 साल तक हर महीने निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो सवाल है कि SSY और SIP में से कौन सा विकल्प ज्यादा रकम तैयार कर सकता है? आइए, आंकड़ों के जरिए जानते हैं कि दोनों में कितना फंड बन सकता है।
क्या है सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)?सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार की छोटी बचत योजना है। बेटी के 10 साल की उम्र पूरी करने से पहले माता-पिता या अभिभावक उसके नाम पर खाता खोल सकते हैं। फिलहाल इस पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। इसमें हर साल 250 रुपये से लेकर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। 15 साल तक निवेश और 21 साल में मैच्योरिटी वाली इस योजना में निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी राशि पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है।
क्या है म्यूचुअल फंड SIP?
SIP के जरिए आप हर महीने अपनी क्षमता के अनुसार एक तय रकम म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इसका निवेश और अवधि आपके वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से तय की जा सकती है। हालांकि, SSY की तरह SIP में रिटर्न की गारंटी नहीं होती और इक्विटी फंड का रिटर्न शेयर बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। लंबी अवधि में इसमें महंगाई को मात देने और बेहतर रिटर्न की संभावना रहती है। SIP में जरूरत के हिसाब से निवेश शुरू या बंद किया जा सकता है, हालांकि कुछ फंड में समय से पहले पैसा निकालने पर एग्जिट लोड लग सकता है।
SSY और SIP में कहां बनेगा बड़ा फंड?
मान लीजिए आप बेटी के भविष्य के लिए हर महीने 12,500 रुपये निवेश करते हैं। यानी सालभर में कुल 1.5 लाख रुपये का निवेश होगा। अब इसी रकम को 15 साल तक SSY और SIP में लगाने पर कितना फंड तैयार हो सकता है, आइए आंकड़ों से समझते हैं।
म्यूचुअल फंड SIP में निवेश
•मासिक निवेश: 12,500 रुपये
•निवेश की अवधि: 15 साल
•कुल निवेश: 22.5 लाख रुपये
•अनुमानित सालाना रिटर्न: 12%
•अनुमानित रिटर्न: 36.99 लाख रुपये
•कुल अनुमानित फंड: 59.49 लाख रुपये
सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश
•सालाना निवेश: 1.5 लाख रुपये
•निवेश की अवधि: 15 साल
•कुल निवेश: 22.5 लाख रुपये
•अनुमानित ब्याज दर: 8.2%
•अनुमानित ब्याज: 20.68 लाख रुपये
•कुल अनुमानित फंड: 43.18 लाख रुपये
ध्यान रखें, ये आंकड़े अनुमानित हैं। SIP का वास्तविक रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा, जबकि SSY की ब्याज दर समय-समय पर बदल सकती है। साथ ही, SSY में मासिक निवेश और वित्त वर्ष की शुरुआत में एकमुश्त रकम जमा करने पर मिलने वाला रिटर्न अलग हो सकता है।
किसमें निवेश करना रहेगा बेहतर?
दिए गए अनुमान के मुताबिक, 12% सालाना रिटर्न वाली SIP से 15 साल में करीब 59.49 लाख रुपये का फंड बन सकता है, जबकि 8.2% ब्याज वाली SSY में करीब 43.18 लाख रुपये जमा हो सकते हैं। यानी दोनों के अनुमानित रिटर्न में करीब 16.31 लाख रुपये का अंतर है। हालांकि, फैसला सिर्फ रिटर्न के आधार पर नहीं करना चाहिए। SSY में सरकारी गारंटी और तय ब्याज मिलता है, जबकि इक्विटी SIP बाजार के उतार-चढ़ाव से जुड़ी होती है। ऐसे में सुरक्षा और निश्चित रिटर्न प्राथमिकता है तो SSY, वहीं लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न की संभावना के लिए SIP पर विचार किया जा सकता है।

