उत्तर प्रदेश की सियासत में शुक्रवार (13 फरवरी) को उस वक्त हलचल मच गई जब लखनऊ एसटीएफ की विशेष टीम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव को हिरासत में ले लिया. बताया जा रहा है कि मनोज यादव पिछले दो दिनों से लापता थे और पार्टी की ओर से उनकी तलाश को लेकर चिंता जताई जा रही थी.
जानकारी के मुताबिक एसटीएफ ने मनोज यादव को उस समय पकड़ा जब वे अपने कुछ साथियों के साथ सफदरगंज इलाके से गुजर रहे थे. गिरफ्तारी के तुरंत बाद टीम उन्हें बड़ागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची, जहां उनका अनिवार्य मेडिकल परीक्षण कराया गया. इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें लेकर लखनऊ रवाना हो गई. बताया जा रहा है कि कुछ देर में उन्हें बाराबंकी कोर्ट में पेश किया जाएगा.
गंभीर धाराओं में दर्ज है मुकदमा
बाराबंकी पुलिस के प्रेस नोट के मुताबिक, 11 फरवरी को थाना सफदरगंज पर धमकी देने, जाति सूचक शब्द बोलने आरोपों पर मुकदमा पंजीकृत किया गया था. आज शुक्रवार (13 फरवरी) को थाना सफदरगंज पुलिस द्वारा मनोज बाराबंकी से गिरफ्तार किया. बताया जा रहा है कि एसटीएफ ने उन्हें पकड़ने के बाद सफदरगंज पुलिस को सुपुर्द कर दिया.
सपा ने पहले जताई थी चिंता
इससे पहले समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी थी कि समाजवादी पार्टी के टीवी पैनलिस्ट मनोज यादव लापता हैं. यह अत्यंत चिंताजनक और गंभीर विषय है. पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल खोजबीन तेज करे. उनके साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो.
राजकुमार भाटी ने उठाए सवाल
इस पूरे मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने एक्स पर पोस्ट कर उनकी रिहाई की मांग की. उन्होंने लिखा, “यूपी पुलिस द्वारा मनोज यादव की अनैतिक रूप से गिरफ्तारी और उन्हें गायब किए जाने की घटना बेहद भयावह है और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ भाजपाई साजिश का प्रमाण है. किस मुंह से मुख्यमंत्री आदित्यनाथ यूपी में लोकतंत्र के दावे करते हैं जबकि लोकतंत्र का खात्मा और तानाशाही, अपराध और पुलिसिया गुंडाराज का विस्तार कर रहे हैं मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी. मनोज यादव को तुरंत रिहा किया जाए.”

