सफर की तरफ से रीयल टाइम बेस पर जारी आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता शाम 6 बजे 467 तक पहुंच गई थी। इसमें सबसे ज्यादा मात्रा पीएम 2.5 की थी। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तरी पाकिस्तान व जम्मू कश्मीर में चक्रवाती हवाएं चल रही हैं। इससे दिल्ली का मौसम भी प्रभावित हुआ है। बीते 24 घंटों में पराली जलाने के सिर्फ 740 मामले रिकार्ड किए गए, पर हरियाणा की तरफ से दिवायु गुणवत्ता मंगलवार सुबह एक बार फिर पड़ोसी राज्यों में जल रही पराली के कारण जहरीली बन गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम 11.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान विभाग के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केन्द्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि सर्दियों के आगाज के साथ ही, न्यूनतम तापमान में गिरावट से हवा में ठंडक बढ़ गई है और भारीपन आ गया है। जिससे प्रदूषक तत्व जमीन के निकट जमा हो रहे हैं।
दिल्ली के लोधी रोड इलाके में आज तड़के पीएम 2.5 का स्तर 500 और पीएम 10 का स्तर 497 दर्ज किया गया, जो कि गंभीर श्रेणी में आता है। इसी तरह ग्रेटर नोएडा (नॉलेज पार्क-3) में एक्यूआई का स्तर 458 रहा। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बवाना में 445, आनंद विहार में 442 और द्वारका सेक्टर 8 में 442 रहा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के नोएडा में एक्यूआई 436, जबकि गाजियाबाद में एक्यूआई 445 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा, गुड़गांव और फरीदाबाद में एक्यूआई क्रमश: 436, 365 और 404 रहा।

सफर की तरफ से रीयल टाइम बेस पर जारी आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता शाम 6 बजे 467 तक पहुंच गई थी। इसमें सबसे ज्यादा मात्रा पीएम 2.5 की थी। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तरी पाकिस्तान व जम्मू कश्मीर में चक्रवाती हवाएं चल रही हैं। इससे दिल्ली का मौसम भी प्रभावित हुआ है। बीते 24 घंटों में पराली जलाने के सिर्फ 740 मामले रिकार्ड किए गए, पर हरियाणा की तरफ से दिल्ली पहुंचने वाली हवाओं की चाल तेज होने से पराली के धुएं का दिल्ली के प्रदूषण में हिस्सा बढ़ गया।
बता दें कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 0-50 के बीच ‘अच्छा’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101-200 के बीच ‘मध्यम’, 201-300 के बीच ‘खराब’, 301-400 के बीच ‘अत्यंत खराब’, 401-500 के बीच ‘गंभीर’ और 500 के पार ‘बेहद गंभीर’ एवं आपात माना जाता है।
