उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के एक लॉ कॉलेज से लापता एलएलएम की छात्रा के मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के एक समूह ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को मीडिया रिपोटर्स के आधार पर संज्ञान लेने के लिए याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट के वकीलों का कहना है कि वे एक और ‘उन्नाव केस’ नहीं चाहते हैं। लापता लड़की के माता-पिता ने पहले पुलिस में एक गुमशुदगी दर्ज कराई थी और इसके लिए कॉलेज के निदेशक और भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद को दोषी ठहराया था।
आपको बता दें कि पूर्व गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के दो-तीन दिन पहले ही छात्रा ने फेसबुक वीडियो के जरिए यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। इसके बाद से छात्रा गायब बताई जा रही है। छात्रा के पिता ने दो दिन पहले थाने में घटना को लेकर तहरीर दी थी। पिता ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी का शारीरिक शोषण किया गया और जब उसने इस पर मुंह खोला तो उसे गायब करा दिया गया। 23 अगस्त को पीड़िता ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया था और 24 अगस्त से लापता है।
सूत्रों के अनुसार , लड़की एक लड़के के साथ दिल्ली में है और कॉल करने से पहले वह द्वारका के एक होटल गोल्डन पैलेस में भी रुकी थी। यूपी और दिल्ली पुलिस की टीम ने वहां पर छापेमारी कर लड़के का आईडी कार्ड भी बरामद किया है। साथ ही पुलिस ने लड़की और उसकी मां के बीच की बातचीत की रिकॉर्डिंग भी बरामद कर ली है। लड़की ने जहां से फोन किया था उसके पास लगे सीसीटीवी फुटेज से दोनों के वीडियो मिले हैं।
छात्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई थी। पीड़िता ने वीडियो में कहा था,सोसाइटी के एक बड़े एक बड़े नेता कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर चुका है। वह उसकी जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दे रहा है। उसके खिलाफ मेरे पास सारे सबूत हैं। यहां तक कि उसने मेरे परिवार को खत्म करने की भी धमकी दी है।
