अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (21 जनवरी 2026) को कहा कि उन्हें लगता है कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए एक समझौते के काफी करीब हैं, हालांकि उन्हें पहले ऐसा लगा था कि वह कुछ ही घंटों में इसे कर लेंगे. ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की इसे अभी समाप्त नहीं करते हैं तो वे मूर्ख होंगे और वह जानते हैं कि वे मूर्ख नहीं हैं.
विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक के दौरान यहां ट्रंप ने कहा कि वह युद्ध के मामलों को सुलझाने के काम में अच्छे हैं, हालांकि यह काम संयुक्त राष्ट्र को करना चाहिए. रूस-यूक्रेन युद्ध पर एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, ‘मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है, लेकिन मैंने चार से अधिक मामलों को सुलझाया.’ उन्होंने कहा, ‘यह करना ही होगा. इससे कई जानें बचेंगी, लाखों जानें बचेंगी. यूक्रेन और रूस के बीच राष्ट्रपति जेलेंस्की और राष्ट्रपति पुतिन के बीच जो जबरदस्त नफरत है, वह अच्छी बात नहीं है. यह सुलह के लिए अच्छा नहीं है.’
रूस-यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप का बयान
ट्रंप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि रूस समझौता करना चाहता है. मुझे लगता है कि यूक्रेन भी समझौता करना चाहता है और हम समझौता कराने की कोशिश करेंगे. मुझे लगता है कि हम समझौते के काफी करीब हैं. यह खून-खराबा जो हो रहा है वह भयानक है. ड्रोन हर हफ्ते हजारों लोगों को मार रहे हैं. हमें इसे रोकना होगा.’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए मुझे लगता है कि अब वे एक ऐसे मोड़ पर हैं, जहां वे एक साथ आ सकते हैं और समझौता कर सकते हैं. मैं आज बाद में राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिलने जा रहा हूं. मुझे पता है कि वे मूर्ख नहीं हैं. मैं किसी का अपमान नहीं करना चाहता, लेकिन आपको यह समझौता करना ही होगा. बहुत से लोग मर रहे हैं.
चीन के बारे में ट्रंप का बयान
ट्रंप ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ उनके संबंध हमेशा से बहुत अच्छे रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘वह एक असाधारण व्यक्ति हैं और उन्होंने जो किया है वह सराहनीय है.’ उन्होंने यह भी कहा कि कोविड-19 के कारण शी के साथ उनके संबंध काफी प्रभावित हुए थे. ट्रंप ने कहा, ‘मैं इसे पहले चीनी वायरस कहता था, लेकिन उन्होंने कहा, ‘क्या आप कोई दूसरा नाम इस्तेमाल कर सकते हैं? और मैंने ऐसा करने का फैसला किया. आखिर इसमें समस्या क्यों होनी चाहिए? लेकिन पहली बार मैं कूटनीतिज्ञ बन गया.’
ग्रीनलैंड के बारे में किया जिक्र
ग्रीनलैंड के बारे में उन्होंने कहा कि इस पर डेनमार्क को हर साल अरबों अमेरिकी डॉलर खर्च करने पड़ते हैं और डेनमार्क एक छोटा देश है जिसके लोग बहुत अच्छे हैं. ट्रंप ने कहा, ‘अगर हम (यूक्रेन युद्ध में) हस्तक्षेप नहीं करते तो मुझे लगता है कि तीसरा विश्व युद्ध छिड़ सकता था. अगर कमला (हैरिस), जो बाइडेन या इनमें से कोई भी नेता चुना जाता तो मुझे लगता है कि हम तीसरे विश्व युद्ध में उलझ जाते.’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन, अब हम तीसरा विश्व युद्ध नहीं होने दे रहे हैं, और हम इसे रोकना चाहते हैं. यह बहुत ही भयानक स्थिति होती, अभी भी है, लेकिन उस तरह की बुरी नहीं. बुरी इसलिए है कि इतने सारे युवा मारे गए हैं.’

