अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (28 जनवरी 2026) को एक बार फिर ईरान को धमकी दी है. उन्होंने कहा कि एक विशाल नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है, जो वेनेजुएला भेजे गए बेड़े से भी बड़ा है. ट्रंप ने उम्मीद जताई कि ईरान जल्द ही बातचीत के लिए तैयार होगा और एक निष्पक्ष समझौता करेगा, जिसमें परमाणु हथियार शामिल नहीं होगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल ट्रुथ पर पोस्ट कर कहा, ‘ईरान की ओर जो विशाल बेड़ा बढ़ रहा है उसका नेतृत्व एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन कर रहा है. वेनेजुएला में की गई कार्रवाई की तरह यह बेड़ा जरूरत पड़ने पर तबाही के साथ अपने मिशन को पूरा करने में सक्षम है. उम्मीद है कि जल्द ही ईरान के साथ ऐसा समझौता होगा, जो सभी पक्षों के लिए अच्छा हो. वक्त तेजी से बीत रहा है. मैंने ईरान से पहले भी डील करने को कहा था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और फिर ऑपरेशन मिडनाइट हैमर हुआ. इसमें ईरान बुरी तरह तबाह हो गया. अगला हमला इससे कहीं ज्यादा भयानक होगा. ईरान दोबारा ऐसा न होने दे.’
ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा है कि अभी वॉशिंगटन के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है, लेकिन मैसेज का आदान-प्रदान हो रहा है. उन्होंने कहा, अगर हम अमेरिका के साथ बातचीत के लिए बैठते भी हैं तो इसका मतलब ये नहीं कि हम युद्ध के लिए तैयार नहीं हैं. किसी भी सीमित अमेरिकी हमले का उचित जवाब दिया जाएगा. हमारी प्राथमिकता वॉशिंगटन के साथ बातचीत नहीं, बल्कि अपने देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार रहना है.’
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने इससे पहले कहा कि हाल के दिनों में उनका अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से कोई संपर्क नहीं हुआ है और न ही उन्होंने बातचीत का अनुरोध किया है. ट्रंप ने बार-बार धमकी दी है कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को मारना जारी रखता है तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा.
पिछले एक महीने में ईरान के सत्ताधारी सरकार को 1979 की क्रांति में सत्ता में आने के बाद से अब तक के सबसे बड़े विद्रोह का सामना करना पड़ा है. सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ जनता पूरे देश की सड़कों पर उतर आए.

