Pakistan Warn Israel: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच पाकिस्तान ने इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है. पाकिस्तान सरकार से जुड़े एक फोरम ने साफ कहा है कि उसे कतर की तरह कमजोर न समझा जाए. साथ ही यह भी कहा गया कि अगर दुनिया में कहीं भी पाकिस्तानी अधिकारियों या राजनयिकों को नुकसान पहुंचता है तो इसका बहुत बुरा अंजाम होगा. यह बयान उस समय सामने आया, जब अमेरिका और इजरायल ने तेहरान में हवाई हमले किए थे, जो पाकिस्तानी दूतावास के पास हुए थे. हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक, दूतावास और वहां काम करने वाले लोगों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन आसपास की कई इमारतों को नुकसान हुआ है.
इसी बीच IDF ने कहा कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान के बीचों-बीच बड़े हमले किए गए और कई ठिकानों को निशाना बनाया. दूसरी तरफ ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है. खबरों के अनुसार ईरान ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की शुरुआत करते हुए ड्रोन के जरिए इजरायल के कई अहम ठिकानों पर हमला किया है, जिसमें हाइफा के ईंधन और नौसेना से जुड़े ठिकाने शामिल थे.
मिडिल ईस्ट जंग में पाकिस्तान की भूमिका
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच पाकिस्तान एक अलग भूमिका निभा रहा है. पाकिस्तान ने कहा है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बताया कि दोनों देशों के बीच हो रही बातचीत को पाकिस्तान के जरिए पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि तुर्किए और मिस्त्र भी इसका समर्थन कर रहे हैं, ताकि इलाके में शांति बनी रहे. खबरों के मुताबिक, अमेरिका ने 15 बिंदुओं का एक प्रस्ताव ईरान को भेजा है, जिस पर अभी विचार किया जा रहा है.
पाकिस्तान ने यह भी कहा है कि अगर दोनों देश तैयार हों तो इसके आगे की बातचीत इस्लामाबाद में हो सकती है. इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के कहने पर उन्होंने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को 10 दिनों के लिए रोक दिया है. उन्होंने बताया कि यह पाबंदी 6 अप्रैल तक लागू रहेगी.

