AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा पर जमकर हमला बोला है. संगारेड्डी ज़िले में रविवार को चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने सीएम शर्मा द्वारा शेयर किए गए एक विवादित वीडियो की कड़ी निंदा की है. उन्होंने सवाल उठाया कि जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशों में ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ का नारा देते हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हीं की पार्टी के सीएम मुसलमानों को निशाना बनाकर ‘नो मर्सी’ (No Mercy) का नारा दे रहे हैं.
ओवैसी ने चेतावनी दी है कि इस मामले में उनकी पार्टी कानूनी कार्रवाई करेगी. भाषण में ओवैसी ने कहा, “सीएम साहब एक वीडियो डालते हैं, जिसमें वह बंदूक से गोली चला रहे हैं और उनका निशाना एक मुस्लिम बच्चे की तस्वीर है. वे ‘क्लीन शॉट’ और ‘नो मर्सी’ बोलते हैं.” उन्होंने पीएम मोदी की मलेशिया यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी वहां जाकर प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से गले मिलते हैं, लेकिन यहां उनका सीएम नफरत फैला रहा है.
‘मुसलमान अल्लाह की रहमत से जीता है’
ओवैसी ने पूछा, “यह नफरत नहीं है तो और क्या है?” उन्होंने आरोप लगाया कि असम के मुसलमानों के साथ मजाक किया जा रहा है और उनकी इज्जत को ठेस पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. ओवैसी ने हिमंत बिस्वा शर्मा को सीधी चुनौती देते हुए कहा, “सुनो हिमंत बिस्वा शर्मा, हम तुम्हारी इन चीजों से डरने वाले नहीं हैं. मुसलमान जीता है तो अल्लाह की रहमत से जीता है.”
हम शहीद कहलाएंगे- ओवैसी
उन्होंने कहा कि मौत सबको आनी है, लेकिन अगर उनकी गोली से हमारी जान गई तो हम शहीद कहलाएंगे और जिंदा रहे तो लोग कहेंगे ये मुजाहिद है. उन्होंने कहा कि मुसलमान अपना जमीर बेचकर डर के साये में नहीं जिएंगे. बता दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब असम के सीएम ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वह एक टारगेट पर शूटिंग कर रहे थे.
विपक्षी दलों और कई न्यूज पोर्टल्स ने आरोप लगाया था कि टारगेट पर एक मुस्लिम युवक की तस्वीर थी और इसे ‘सांप्रदायिक नफरत’ फैलाने की कोशिश करार दिया था. ओवैसी ने इसे असम में सिर्फ चुनाव जीतने के लिए नफरत की राजनीति करार दिया है. उन्होंने कहा कि मुल्क और दुनिया देख रही है कि कैसे एक छोटे से चुनाव के लिए नफरत का भंडार खोला जा रहा है.

