Maharashtra Political Crisis: सुप्रीम कोर्ट से झटका लगने के बाद महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री पद से उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इसकी घोषणा राज्य की जनता को संबोधित करते हुए की। साथ ही ठाकरे ने साफ किया कि मेरे पास जो शिवसेना है, वो कोई छिन नहीं सकता है। मैं विधानपरिषद सदस्य पद से भी इस्तीफा दे रहा हूं।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के ठीक बाद राज्य की जनता को संबोधित करते हुए अपने कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमारे अच्छे कामों को नजर लगी। हमने शहरों का नाम बदलने का फैसला लिया। उद्धव ठाकरे ने इस दौरान सोनिया गांधी और शरद पवार की तारीफ की।
उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा कि न्याय देवता ने फैसला दिया है, फ्लोर टेस्ट के लिए कहा है। राज्यपाल का भी धन्यवाद। लोकतंत्र का पालन होना चाहिए। हम उसका पालन करेंगे। शिवसेना प्रमुख ने बागियों पर निशाना साधते हुए कहा कि आपको सामने आकर बात करनी थी। सूरत और गुवाहाटी जाकर नहीं। जिसको सबकुछ दिया वो नाराज हैं।
कैबिनेट में दिए थे संकेत
उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने आज कैबिनेट की बैठक में ही इस्तीफे के संकेत दे दिए थे। उन्होंने बैठक खत्म होने के बाद कहा था कि आपने ढाई साल मेरा सहयोग किया। आभारी हूं। इन ढाई साल में मुझसे गलती हुई हो, अपमान हुआ हो तो माफ़ी चाहता हूं। उन्होंने बागियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कई लोगों ने दगा भी किया। मंत्रालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने छत्रपति शिवाजी और संविधान निर्माता बी आर आंबेडकर की प्रतिमाओं के सामने नमन किया।
कैबिनेट बैठक में अपने सहयोगियों का धन्यवाद करने के बाद उद्धव ठाकरे सीएम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के सभी स्टाफ को एक साथ बुलाकर धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने पिछले ढाई साल में सहयोग की भावना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।

