ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने विकाराल रूप ले लिया है. राजधानी तेहरान के एक डॉक्टर ने पहचान नहीं उजागर करने की शर्त पर टाइम मैगजीन को बताया कि राजधानी के सिर्फ 6 अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें से अधिकतर की मौतें गोलीबारी के कारण हुई हैं.
ईरान में पिछले माह विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से सरकार ने देश में इंटरनेट और फोन कॉल पर पूरी तरह बैन लगा दिया है. अमेरिका में रह रहे निर्वासित किंग रजा पहलवी की गुरुवार को की गई अपील के बाद से प्रदर्शन और तेज हो गए, जो अब ईरान के सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं. लोग इस्लामी शासन को उखाड़ फेंकने की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी आजादी और तानाशाह मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं.
‘पुलिस स्टेशन के बाहर मशीनगन से फायरिंग’
ईरानी डॉक्टर ने टाइम मैगजीन से बातचीत में दावा किया है कि जैसे-जैसे प्रदर्शन तेज हुए, कई इलाकों में सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोलियां चला दीं. शुक्रवार को अस्पतालों से शवों को हटाया गया. उत्तरी तेहरान के एक पुलिस स्टेशन के बाहर मशीनगन से की गई फायरिंग में कई प्रदर्शनकारी मारे गए. इस घटना में कम से कम 30 लोगों को गोली लगी. ईरान में प्रदर्शनकारियों ने तेहरान की अल-रसूल मस्जिद में भी आग लगा दी.
मानवाधिकार संगठनों का आंकड़ा
वॉशिंगटन स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी के अनुसार अब तक कम से कम 63 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 49 नागरिक शामिल हैं. बता दें कि मानवाधिकार संगठनों ने मौतों की संख्या डॉक्टर के दावे से कम बताई है. इसका एक कारण ये भी है कि सरकार के कंट्रोल में मीडिया होने और विदेशी समाचार एजेंसियों पर बैन के कारण मौतों के आंकड़ें अलग-अलग सामने आ रहे हैं.

