रांची समेत Jharkhand के कई इलाकों में मौसम एक बार फिर बदल रहा है। शुक्रवार को दिनभर हल्की धूप के बीच बादल छाए रहे। ठंडी हवाएं चलती रहीं। शनिवार को रांची समेत कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। Weather पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के उतरी पश्चिमी भाग यानी पलामू, गढ़वा, चतरा, कोडरमा, लातेहार आदि इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है।
Weather विभाग, रांची ने बताया कि 22, 23 व 24 फरवरी को राज्य के उतरी व मध्य भाग यानी रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, देवघर, धनबाद, गिरीडीह आदि स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। Weather विभाग के निदेशक डॉ एसडी कोटाल ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालयन क्षेत्र या उससे जुड़े मैदानी इलाके प्रभावित होंगे। 25 फरवरी तक Jharkhand के अधिकांश इलाकों में बादल छाए रहेंगे। कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ ही एक-दो स्थानों पर गरज के साथ वज्रपात की चेतावनी भी दी गई है।
Weather पूर्वानुमान में कहा गया है कि शनिवार को Jharkhand के दक्षिण-पश्चिमी, उत्तरी और मध्य भाग में बारिश की संभावना है। रविवार को समूचे Jharkhand में मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। सोमवार, मंगलवार को भी बारिश की संभावना जताई गई है। Weather विभाग की ओर से जारी किए गए पूर्वानुमान में कहा गया है कि 23, 24 और 25 फरवरी को झारखंड के दक्षिणी, उत्तरी, पूर्वी व मध्य भाग में हल्की बारिश के प्रबल आसार हैं। 26 फरवरी को उत्तर-पूर्वी इलाके में बारिश हो सकती है।
Weather वैज्ञानिक डॉ एसडी कोटाल ने बताया कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन दक्षिणी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में समुद्रतल से ऊपर स्थित है। पश्चिमी विक्षोभ अब हिमाचल प्रदेश के ऊपर स्थित है। ऐसे में इस सिस्टम से जुड़ा टर्फ भी बन रहा है। इससे कई इलाकों में Weather में बदलाव होगा। अगले 4 दिनों में कई जगहों पर बारिश हो सकती है।
चतरा में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदला-बदला सा है। आसमान में बादल छाया हुआ है और तेज हवा चल रही है। ऐसे में ठंड थोड़ी बढ गई है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि शाम तक बारिश हो सकती है। दस दिन पूर्व भी Weather इसी तरह था। रिमझिम वर्षा के बाद स्थिति सामान्य हो गई थी। स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र का प्रधान वैज्ञानिक तथा Weather के जानकार डा. रंजय कुमार सिंह ने संभावना जताते हुए कहा है कि तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि है सकती है।
उनका कहना है कि Weather में आए बदलाव का सीधा असर महुआ और आम के की स्थिति फसलों पर पड़ सकता है। डा. सिंह का मानना है कि इस वर्ष आम और महुआ अच्छी नहीं रहेगी। उत्पादन कम होगा। आम के पेड़ों में अब तक मंजर नहीं आया है। वैसे आमतौर पर सरस्वती पूजा के बाद से आम के पेड़ों में मंजर होने लगते थे।
पलामू में शुक्रवार की रात से ही Weather का मिजाज बदल गया। बादल भरी रात से अचानक रात का तापमान बढ़ गया। इससे हजारों लोगों की नींद में खलल पैदा हुआ। इधर शनिवार की सुबह में आसमान पूरी तरह बादलों से ढंका दिखा। तेज हवाएं बहती रही। इससे जनजीवन पर प्रभाव पड़ा। शहर की दुकानें भी देर से खुलीं। समाचार लिखे जाने तक आकाश में बादल छाए हुए हैं। बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे Weather में आए बदलाव से फसलों को नुकसान होने की बात कही जा रही है। खासकर आम के मंजर और चना मसूर नुकसान हुआ है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि आम के मंजर पर प्रभाव पड़ेगा है।

