अंबेडकरनगर जिले के मुस्कुराई गांव में मंगलवार रात शादी के दौरान आर्केस्ट्रा की लेजर लाइट से 200 से ज्यादा लोगों को आंखों में दिक्कत हो गई किसी को आंखों में दर्द के साथ जलन होने लगी तो किसी की आंखों से पानी आने लगा, आनन-फानन में सभी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया इलाज के बाद पीड़ितों को छुट्टी दे दी गई है ।
बुधवार सुबह मुस्कराई गांव में उस समय हड़कंप मच गया सुबह अचानक 200 से अधिक ग्रामीणों की आंखों में जलन व दर्द के साथ ही चेहरे पर सूजन होने से हड़कंप मच गया। आंख से कम दिखने की शिकायत भी सामने आने लगी। दरअसल, यह सब कुछ मंगलवार रात गांव में वैवाहिक आयोजन के दौरान लेजर लाइट फटने के बाद हुए गैस रिसाव के प्रभाव से हुआ। ग्रामीणों को मंगलवार रात ही आंख में दिक्कत महसूस हुई थी, लेकिन उस समय कोई खास असर देखने को नहीं मिला। बुधवार सुबह सोकर उठने के बाद से एक के बाद एक ग्रामीण इसकी चपेट में आने लगे जो बारात में गए थे। गांव में डेढ़ दर्जन एंबुलेंस लगाकर पीड़ितों को पहले नगपुर सीएचसी फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पहलेनगपुर सीएचसी में समुचित इलाज न मिल पाने पर मरीजों व तीमारदारों ने हंगामा भी किया। पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत कराया।
इलाज की समुचित व्यवस्था न होने पर मरीजों व उनके तीमारदारों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। लगातार बढ़ते हंगामे को देखते हुए सीचएसी प्रभारी डॉ. जावेद आलम की सूचना पर कोतवाली प्रभारी प्रद्युम्र सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने समझा बुझाकर मामला शांत कराया। इस बीच डेढ़ दर्जन से अधिक एंबुलेंस न सिर्फ अस्पताल, बल्कि प्रभावित गावों में पहुंच गई। एक एक कर 200 से अधिक मरीजों को किसी प्रकार इलाज के लिए जिला अस्पतला पहुंचाया गया। यहां भी एक साथ बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने से अफरातफरी मच गई। हालांकि इलाज के बाद जैसे जैसे पीड़ितों को राहत मिलती गई तो उन्हें वापस घर भेजा जाता रहा। पीड़ित मरीजों का शाम तक जिला अस्पताल आने का सिलसिला जारी रहा।
मुस्कराई गांव में चिंतामणि की पुत्री का विवाह था। मंगलवार देर शाम बगल के गांव सवरगाह से बारात आई हुई थी। वैवाहिक आयोजन होने के बाद आर्केस्ट्रा शुरू हो गया। इसमें न सिर्फ मुस्कराई, बल्कि आसपास के कई गावों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे हुए थे। इसमें युवाओं की संख्या अधिक थी। बताया जाता है कि इसी बीच अचानक लेजर लाइट फट गई, जिससे उसमें गैस का रिसाव शुरू हो गया।
इसकी चपेट में न सिर्फ आर्केस्ट्रा कार्यक्रम में भाग ले रहे कलाकार बल्कि बड़ी संख्या में ग्रामीण भी आ गए। उनकी आंखों में उस समय हल्की जलन हुई, लेकिन उस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। देर रात कार्यक्रम के बाद लोग अपने अपने घर चले गए। बुधवार सुबह सोकर उठे और सूर्य की रोशनी उनकी आखों पर पड़ी, तो समस्या बढ़ गई। जैसे जैसे सूर्य की रोशनी बढ़ती गई, वैसे वैसे गैस से पीड़ित ग्रामीणों की संख्या में भी वृद्धि होती रही।

