कराची : पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में इन दिनों अंधाधुन फायरिंग की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बीते तीन दिनों में इसी वारदातों में कम से कम 9 लोग घायल हो चुके हैं। अधिकारियों और स्थानीयों लोगो के अनुसार,हालात इतनी खराब हो गए हैं कि लोग खुद को घर के बाहर ही नहीं , अंदर भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस अपराध दर में कमी का दावा कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद लगातार हो रही फायरिंग से दहशत का माहौल बना हुआ है।
गोलियां चलाने वाले के बारे में कुछ पता नहीं
अधिकारियों के मुताबिक इन फायरिंग घटनाओं की जांच जारी है, लेकिन गोलियां किस दिशा से चलाई गई , इसका पता लगना मुश्किल हो रहा है, जिससे आरोपियों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सबसे गंभीर मामले में 22 वर्षीय अयान को करेंगी 5 स्थित गाउस पाक रोड के पास सीने में गोली लगी और उसे गंभीर हालत में रेस्क्यू टीम ने जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर पहुंचाया। इसके अलावा, बालदिया 24 में 45 वर्षीय शेरनी और लियाकतबाद 10 के अल-आजम स्क्वायर में 52 वर्षीय जमीला बेगम भी गोली लगने से घायल हो गई।
फायरिंग का निशाना हर वर्ग और हर उम्र के लोग
शहर के अलग-अलग इलाकों में हो रही इन फायरिंग घटनाओं में कई लोग घायल हुए हैं। नॉर्थ क्रंची में 27 वर्षीय बिलाल अहमद जख्मी हुए, जबकि चाकीवाड़ा बस स्टॉप के पास 12 साल के मुजम्मिल को गोली लगी। न्यू क्रंची के गाबोल टाउन में 30 वर्षीय मुर्तजा और उस्मान पार्क के पास 28 वर्षीय नौमान भी फायरिंग का शिकार बने। वहीं पापोश नगर में 74 वर्षीय नसीर और ओरांगी टाउन में 39 वर्षीय नजमा घायल हुई। लगातार हो रही इन वारदातों से साफ है कि इस तरह की अंधाधुंध फायरिंग में हर उम्र के लोग प्रभावित हो रहे है, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
फायरिंग को रोकने में नाकाम रही एजेंसियां
पुलिस के अनुसार ये सभी फायरिंग की घटनाएं 4 अप्रैल से 6 अप्रैल के बीच हुई और ज्यादातर मामलों में गोली अज्ञात दिशा से चलाई गई, जिससे आरोपियों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। इन वारदातों को लेकर स्थानीय लोगों में डर और नाराजगी दोनों देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं कानून व्यवस्था की कमजोर स्थिति को दर्शाती हैं और अगर जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते है।
